Betul Samachar: ई-पोर्टल हुआ शुरू लेकिन डाटा हो गया डिलिट, संपत्ति कर वसूली करने के लिए फिर मुसीबत
Betul Samachar: E-portal started but data deleted, trouble again for property tax collection

Betul Samachar:(बैतूल)। नगरपालिका का हैक हुआ ई-पोर्टल फिर से शुरू हो गया, लेकिन इसमें संपत्ति सहित अन्य डाटा डिलिट हो गया है। ऐसे में नगरपालिका अधिकारियों के सामने एक ओर मुसीबत खड़ी हो गई है। अब संपत्ति कर कैसे वसूली करेंगे यह अधिकारियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक नगरपालिका के ई-पोर्टल पर सायबर अटैक हो गया था। जिसके बाद से ही नगरीय प्रशासन ने ई-पोर्टल को पूरी तरह से बंद कर दिया। महीनों तक ई-पोर्टल बंद रहा, जिससे वसूली प्रभावित हुई। अब ई-पोर्टल की शुरूआत तो हो गई, लेकिन पोर्टल पर जो डाटा अपलोड किया था वह डाटा पूरी तरह से डिलिट हो गया है। नगरपालिका ने अब तक 2 करोड़ की संपत्ति कर की वसूली की है। अभी चार करोड़ वसूली करना बाकी है। अब इतनी बड़ी रकम बिना डाटा के वसूली करने के लिए अधिकारियों को परेशान होना पड़ेगा। यदि उपभोक्ता अपनी पुरानी रसीद लेकर नहीं आता है तो नगरपालिका के पोर्टल पर रिकार्ड नहीं है तो उसे कितना और कब तक का टैक्स जमा करना है। ई-पोर्टल बंद होने के कारण नगरपालिका ने ऑफलाईन वसूली की, लेकिन बहुत अधिक वसूली नहीं हो पाई। ऑफलाईन वसूली के दौरान कई प्रकार की समस्या से जूझना पड़ा है।
दिसम्बर में हैक हुआ था पोर्टल(Betul Samachar)
जानकारी के मुताबिक नगरपालिका का ई-पोर्टल दिसम्बर में हैक हुआ था। इससे नपा के सभी काम ठप हो गए। ना भवन अनुज्ञा हो रही थी और ना ही विवाह के पंजीयन। यहां तक की टैक्स जमा करने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। नगरपालिका के सभी करों की वसूली की रफ्तार मानों थम सी गई थी। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर संपत्ति कर की वसूली तो ऑफलाईन वसूली शुरू की और 2 करोड़ का राजस्व वसूल किया गया। दिसम्बर के बाद से अब पोर्टल शुरू हो पाया है।
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घर-घर जाकर करना पड़ सकता है सर्वे(Betul Samachar)
जानकार बताते है कि ई-पोर्टल पर डाटा रिकवर नहीं हुआ तो नगरपालिका अमले की परेशानी और बढ़ेगी। डाटा जुटाने के लिए नगरपालिका अमले को फिर से घर-घर जाकर सर्वे करना पड़ सकता है। सर्वे के माध्यम से ही नगरपालिका का डाटा जुटाना होगा और संपत्ति का भी फिर से रिकार्ड तैयार करना होगा। तब जाकर ही डाटा संबंधित जानकारी जुटाई जा सकती है। अन्यथा संपत्ति कर की जानकारी पता लगाने में बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
9 मार्च को है लोक अदालत(Betul Samachar)
9 मार्च को लोक अदालत है, इस लोक अदालत में बड़े पैमाने पर संपत्ति कर जमा होता है, लेकिन इस बार 9 मार्च को होने वाले लोक अदालत में प्रकरण शामिल करने के लिए नगरपालिका के पास संपत्ति का कोई डाटा नहीं है। थोड़ी राहत भरी बात यह है कि नल का कर सहित अन्य करों की वसूली के लिए पोर्टल अभी चलने लगा है, लेकिन अधिकतर डाटा पोर्टल से डिलिट हो गया है। ऐसे में लोक अदालत में वसूली करने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
इनका कहना…
ई-पोर्टल तो शुरू हो गया, लेकिन अभी पोर्टल पर डाटा शो नहीं हो रहा है। एक्सपर्ट डाटा रिकवर करने में लगे है। डाटा रिकवर नहीं हुआ तो संपत्ति कर की वसूली के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
ओमपाल सिंह भदौरिया, मुख्य नगरपालिका अधिकारी, बैतूल





