Betul Hindi Samachar : एकलव्य में चल रहा था फर्जीवाड़ा, एसी चुप्पी साधे बैठे रही
Betul Hindi Samachar: Fraud was going on in Eklavya, AC remained silent

कलेक्टर ने कहा-उनकी भी कराएंगे जांच, दोषी होने पर कार्रवाई की जाएगी, अपर आयुक्त भी शाहपुर पहुंची…
Betul Hindi Samachar :(बैतूल)। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय परिसर में किए गए लाखों रुपए के फर्जीवाड़े की गूंज अब राजधानी भोपाल तक पहुंच गई है। संवेदनशील कलेक्टर नरेंद्र कुमार संूर्यवंशी ने इस गंभीर मामले में प्राचार्य एसके डोनीवाल समेत जहां सात कर्मचारियों के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही कर यह बता दिया है कि दोषियों को किसी भी स्थिति में बक्शा नहीं जाएगा। मामले में जनजातीय कार्य विभाग की अपर आयुक्त सरोज चौकसे भी जांच के लिए आज शनिवार एकलव्य आवासीय विद्यालय पहुंची हैं। हालांकि उन्होंने इसे रूटीन निरीक्षण करार दिया है।
इधर कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी की इस मामले पर पूरी नजर है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि दोषी कोई भी हो कार्यवाही का सामना तो करना ही पड़ेगा, लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि विभाग प्रमुख की आंखों के सामने यह पूरा खेल बेखौफ होते रहा, लेकिन वे पूरे मामले में चुप्पी साधी रही। यही वजह है कि संदेह की सुई उन पर भी आ खड़ी हुई है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर उन्होंने समय रहते इतने बड़े फर्जीवाड़े पर आपत्ति क्यों नहीं ली। आखिर किसके मौन इशारे पर एकलव्य के कर्ता धर्ता आदिवासी विद्यार्थियों के हक और अधिकार पर डाका डालते हुए लाखों की रकम ठिकाने लगाते रहे। कौन कौन वो भ्रष्टाचारी हैं, जिनके पास ये पाप की कमाई पहुंच रही थी और इसी काली कमाई से उनके घर की तिजोरियां भरी जा रही थी। उम्मीद है कि मय प्रमाण सांझवीर टाईम्स में मय सबूत प्रकाशित खबरों के आधार पर वरिष्ठ अधिकारी जांच करेंगे तो मामले में बड़ी मछलियां भी सामने आ सकती है।
त्रैमासिक बैठकों से क्यों बनाई दूरी
इस पूरे फर्जीवाड़े में अब जिम्मेदारी उस अधिकारी की तय होनी बाकी है जिनका यह कर्तव्य था कि काम नियमनुसार हो रहा है या नहीं। एकलव्य शाहपुर में किये जा रहे इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिए जाने की अब चर्चा सार्वजनिक हो रही है पर समय रहते इस पर ध्यान क्यों नहीं दिया गया, इसके लिए सीधे तौर पर विभाग प्रमुख जिम्मेदार हैं, क्योंकि इस पूरे फर्जीवाड़ेे में जहां मॉनिटरिंग ओर दायित्वों को दरकिनार किया गया। वहीं जिला स्तरीय समिति भी हाथ पर हाथ धरे बैठे रही।
क्या कहते हैं नियम
मध्यप्रदेश स्पेशल एंड रेसिडेंशियल एकेडमिक सोसायटी (एमपीसरस) भोपाल के द्वारा जारी बायलॉज के नियम की कंडिका 19 (अ) के तहत जिला स्तरीय समिति के कार्य बिन्दु क्रमांक 01 से 09 तक में सब निर्धारित किया गया हैं। निर्धारित कार्य के बिन्दु क्रमांक 01 में प्रावधान विहित है कि सोसायटी (एमपीसरस) के अंतर्गत संबंधित जिले में आने वाली समस्त शैक्षणिक संस्थाओं वार्षिक बजट का अनुमोदन क्रियान्वयन एवं मॉनिटरिंग का दायित्व जिला स्तरीय समिति का था। मध्यप्रदेश स्पेशल एंड रेसिडेंशियल एकेडमिक सोसायटी (एमपीसरस) भोपाल के द्वारा उक्त जारी बायलॉज के नियम की कण्डिका 19 (ब) के तहत प्रावधान है कि अध्यक्ष पदेन कलेक्टर से प्राप्त तिथि, और समय अनुसार जिला स्तरीय समिति की बैठक सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य, बैतूल पदेन सचिव द्वारा त्रैमासिक आहुत की जाएगी, लेकिन वित्तीय वर्ष 01/04/2023 से 17/02/2024 तक जिला स्तरीय समिति की त्रैमासिक बैठक आहुत ही नहीं की गई है।
आश्चर्य इस बात का है कि जिला स्तरीय समिति की उक्त अवधी का कोई कार्य विवरण सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग के पास मौजूद ही नहीं है। सवाल यह भी है कि क्या जिला स्तरीय समिति की बैठक के लिए कलेक्टर से तिथि और समय लेने से भी परहेज किया। क्या तत्कालीन कलेक्टर को अंधेरे में रखकर पूरे फर्जीवाड़े को अंदर ही अंदर अंजाम दिया गया। आखिर यह जिम्मेदारी किसकी थी। उन अधिकारियों से अब जवाब सवाल करने के साथ साथ उन पर सख्त कार्यवाही कि भी जरूरत है।
भैंसदेही और चिचोली एकलव्य के भी यही हाल
एकलव्य शाहपुर में इस फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद अब यह जानकारी भी सामने आ रही है कि जिले के भैंसदेही ओर चिचोली में संचालित एकलव्य आवासीय विद्यालय में भी कुछ इसी तरह के फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया है। मध्यप्रदेश स्पेशल एण्ड रेसिडेंशियल एकेडमिक सोसायटी (एमपीसरस) भोपाल द्वारा जारी बायलॉज के नियम की कण्डिका 20 (अ) के तहत प्रावधान हैं कि अध्यक्ष पदेन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) से प्राप्त तिथि, समय अनुसार विद्यालयीन समिति की बैठक प्राचार्य, विद्यालयीन समिति पदेन सचिव द्वारा प्रतिमाह आहुत की जाएगी, लेकिन यह जानकारी मिल रही है कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, शाहपुर, सहित भैसदही, चिचोली के प्राचार्य, द्वारा वित्तीय वर्ष 2023 से 2024 तक जिला स्तरीय समिति की प्रतिमाह बैठक आहुत ही नही की है। उक्त अवधी का कोई भी कार्यवाही विवरण जनजातीय कार्य विभाग में नहीं है। सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग पदेन सचिव मध्यप्रदेश स्पेशल एण्ड रेसिडेंशियल एकेडमिक सोसायटी (एमपीसरस) जिला स्तरीय समिति जिला बैतूल (म. प्र.) ने वित्तीय वर्ष 2023 से 2024 तक एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, शाहपुर, भैसदही, चिचोली के प्राचार्य, की कोई भी बैठक नहीं ली है जो अपने आप मे गंभीर कदाचरण की श्रेणी में दिख रहा है।
इनका कहना…..
आपके माध्यम से यह मामला हमारे संज्ञान में आया था। मैंने अधीनस्थों से मामले की जांच कराई। इस आधार पर एकलव्य आवासीय विद्यालय के 3 कर्मचारियों को निलंबित, 3 बर्खास्त और 2 के निलंबन का प्रस्ताव भोपाल भेजा है। सहायक आयुक्त आदिवासी को भी नोटिस जारी किए जा रहे हैं। उनकी भी जांच की जाएगी। यदि जांच में दोषी पाई जाती है तो उन पर भी कार्रवाई जय करेंगे।
नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी, कलेक्टर बैतूल





