Betul News: इस बार पवार समाज टिकट वितरण से नाखुश!
Betul News: This time Pawar community is unhappy with ticket distribution!

दोनों ही पार्टियों ने समाज के किसी व्यक्ति को उम्मीदवार नहीं बनाया
Betul News: (बैतूल)। पिछले चुनाव में कुंबी समाज के एक भी उम्मीदवार को भाजपा द्वारा टिकट नहीं दिए जाने का खामियाजा सार्वजनिक रूप से देखा जा चुका है। पांच में से चार विधानसभा सीटों पर भाजपा बुरी तरह पराजित हुई। ठीक पांच साल बाद इस बार बहुसंख्यक कहलाए जाने वाले पवार समाज को टिकट न देने पर भाजपा और कांग्रेस के प्रति नाराजगी देखी जा रही है। भले ही समाज के लोग सार्वजनिक रूप से नाराजगी जाहिर नहीं कर रहे, लेकिन टिकट वितरण में उपेक्षा से समाज के लोग काफी असंतुष्ट बताए जा रहे हैं।
कुनबी समाज के बाद जिले में पवार समाज के मतदाताओं की संख्या अधिक बताई जाती है। गत चुनाव में समाज के जिला पंचायत सदस्य रहे और वर्तमान में जिला पंचायत अध्यक्ष राजा पवार को भाजपा ने उम्मीदवार बनाया था। हालांकि कांग्रेस ने इस समाज को किसी को भी टिकट नहीं दी। इस बार परिस्थिति काफी अलग दिखाई दे रही है। दरअसल कुंबी समाज से मुलताई में भाजपा और कांग्रेस दोनों उम्मीदवार मैदान में है। कुंबी समाज के मतदाता भी मुलताई में सबसे अधिक बताए जाते हैं, इसलिए दोनों पार्टियों ने कुंबी समाज पद दाव खेला है।
पवार समाज को नहीं मिला टिकट
इस चुनाव में वैसे मुलताई से केवल राजू अनुराग पवार ताकत से टिकट के लिए दावेदारी कर रहे थे। वे समाज के एक धड़े के जिला अध्यक्ष भी है, वे आधा दर्जन कुंबी समाज के दावेदारों में से वे एकलौते ताल ठोंक रहे थे। पिछले पांच वर्षों से श्री पवार अपनी दावेदारी दमखम से दिखाते आ रहे हैं, लेकिन अंतिम समय के काफी पहले भाजपा ने यहां से एक बार फिर पूर्व विधायक चंद्रशेखर देशमुख पर दाव खेलकर पवार समाज के राजू के अरमानों पर पानी फेर दिया है। पहले उनके निर्दलीय लड़ने की भी संभावना जताई जा रही थी। सूत्र बताते हैं कि इसके लिए पवार समाज के लोग भी उनके नाम पर सहमत दिखाई दे रहे थे, लेकिन भाजपा में होने के कारण वे बागी नहीं हुए।
पवार समाज की नाराजगी को देखते हुए बनाया चुनाव प्रभारी
पिछले चुनाव से सबक लेते हुए भाजपा ने पवार समाज की संभावित नाराजगी को देखते हुए समाज के जिला अध्यक्ष और भाजपा व्यापारी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष राजू पवार को मुलताई विस का प्रभारी बनाकर नाराजगी दूर करने का प्रयास किया है। कहा जा रहा है कि वे भाजपा प्रत्याशी को जीत दिलाने के लिए काफी दिनों से मुलताई में लगे हुए हैं। हालांकि कांग्रेस ने इस तरह का कोई प्रयास नहीं किया, जिससे बहुसंख्यक पवार समाज की नाराजगी दूरी कर सके। इधर खबर है कि पवार समाज अपने समाज से किसी को उम्मीदवार न बनाने से बैठक भी कर रहा है। हालांकि इन बैठकों में क्या निर्णय हो रहा है, इसकी जानकारी सामने नहीं आ रही है। समाज के वोट बैंक को लेकर भी अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।




