Betul Ki Khabar: पहली परीक्षा में सुधाकर 100 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण!
Betul Ki Khabar: Sudhakar passed the first exam with 100 percent marks!

वरिष्ठों के साथ पार्टी लाइन से दूर चल रहे नेताओं को भी साधने का प्रयास
भाजपा में नए युग की शुरुआत
Betul Ki Khabar: बैतूल। करीब एक पखवाड़े पहले भाजपा जिला अध्यक्ष की कमान मिलने के बाद सुधाकर पवार को लेकर खुद भाजपाई ही आशांवित नहीं थे कि निर्वतमान अध्यक्ष आदित्य बबला शुक्ला का स्थान भर पाएंगे। अलबत्ता संशय के इस माहौल में नए जिला अध्यक्ष सुधाकर पवार ने बबला के पदचिन्हों पर चलने की बात कही थी और वे इससे आगे निकलने का भी प्रयास कर रहे हैं। दरअसल इस एक पखवाड़े में उन्होंने अपनी नियुक्ति का जश्न मनाए बिना पार्टी के वरिष्ठ, कनिष्ठों को साथ लेकर चलने की मुहिम शुरू की है। इतना ही नहीं पार्टी लाइन से दूर चल रहे वरिष्ठ नेताओं का भी आशीर्वाद लेना वे नहीं भूले। नए जिला अध्यक्ष सुधाकर की इस कार्यप्रणाली से भाजपा में नए युग की शुरुआत हो सकती है।
विश्व की सबसे बड़ी पार्टी होने के कारण बैतूल में भी जिला अध्यक्ष को लेकर एक दर्जन सक्रिय दावेदारों के नाम सामने आए थे। हालांकि अध्यक्ष का पद एक ही व्यक्ति को मिलना तय था, लेकिन जिस तरह रायशुमारी के पहले जिला अध्यक्षों के लिए पहली मर्तबा खींचतान मची। इसकी खूब चर्चा होते रही। अध्यक्ष के लिए नाम तो खूब चले, लेकिन शुरू से अंत तक निवर्तमान अध्यक्ष आदित्य बबला शुक्ला का ही पड़ला भारी दिखाई दे रहा था। उनके अविस्मरणीय कार्यकाल को लेकर संभावना जताई जा रही थी कि उनके विकल्प के रूप में भाजपा का दूसरा जिला अध्यक्ष नहीं मिलेगा।
वैसे भी क्षेत्र के सांसद और पांचों विधायक समेत अधिकांश मंडल अध्यक्ष बबला के ही पक्ष में थे, लेकिन पार्टी गाइडलाइन के अनुसार जब चार वर्ष से अधिक समय तक अध्यक्ष रहने वालों की ताजपोशी पर ग्रहण लगा तब भी सुधाकर पवार का नाम काफी पीछे बताया जा रहा था। कहा जा रहा था कि आदिवासी वर्ग से जिला पंचायत उपाध्यक्ष हंसराज धुर्वे, पिछड़ा वर्ग से मधु पाटनकर, महिला वर्ग से रश्मि साहू के अलावा पूर्व विधायक अलकेश आर्य के भी नाम खूब सुर्खियां बटोरते रहे, लेकिन बबला के उत्तराधिकारी के रूप में हमेशा पार्टी गाइडलाइन का पालन और हमेशा लोप्राफाइल में राजनीति करने वाले सुधाकर पवार का नाम तय हो गया।

जिम्मेदारी मिलने के बाद मुखिया की निभा रहे बेहतर भूमिका
नए जिला अध्यक्ष सुधाकर को जिम्मेदारी मिलने को लगभग एक पखवाड़े का समय बीत गया है। इन 15 दिनों में उन्होंने बिना आराम किए लगातार कार्यकर्ता के बीच पहुंचकर एक अलग पहचान बनाने का काम किया है। पार्टी के कार्यक्रमों में उनकी सहभागिता देखते ही बन रही है। भले ही उनके पास जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी है तो स्वभाविक रूप से कार्यक्रमों में जाएंगे, लेकिन हर कार्यक्रमों में अपनी सहभागिता बढ़ाकर लोकप्रियता का ग्राफ बढ़ा रहे हैं।
एक पखवाड़े में पवार ने जिस तरह नियुक्ति के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं सुभाष आहूजा, राजीव खंडेलवाल, राजा ठाकुर, जितेंद्र कपूर, रामचरित मिश्र समेत मीसा बंदियों का भी आशीर्वाद लिया है, इसके सभी कायल हो गए हैं। मतलब साफ है कि पार्टी लाइन से दूर चल रहे नेताओं को भी आशीर्वाद लेकर उन्होंने अपने कार्यकाल में सहयोग करने के लिए मनाने का प्रयास किया है। महज एक पखवाड़े में वे परिपक्व राजनेता होनेे के साथ राजनीति के अच्छे जानकार भी साबित हुए है।
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माननीयों के भी साथ कार्यक्रमों में शिरकत
इस दौरान पार्टी मुखिया होने के नाते जिला अध्यक्ष पवार ने पहली परीक्षा में जिले के अधिकांश विधायकों के प्रति भी काफी विश्वास मजबूत कर लिया है। समय कम रहने के बावजूद वे बैतूल विधायक के साथ अधिकांश कार्यक्रमों में शिरकत कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनकी सक्रियता आसानी से देखी जा सकती है। आमला विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे के क्षेत्र आमला और सारणी के विभिन्न कार्यक्रमों में भी उनकी सक्रियता देखती ही बनती है।
इस क्षेत्र में उनका जोरदार स्वागत भी हुआ। मुलताई पहुंचने पर भी क्षेत्रीय विधायक चंद्रशेखर देशमुख और उनके समर्थकों के अलावा जिपं अध्यक्ष राजा पवार ने भी जोरदार स्वागत किया। इस तरह विधायकों को भी एक पखवाड़े में काफी करीब आ गए है। इस बात से अंदजा लगाया जा सकता है कि जो लोग उनके अध्यक्ष बनने पर संशय में थे। उन्होंने अपनी सक्रियता से ऐसे लोगों को मुंह तोड़ जवाब भी दे दिया है।




