Betul Samachar: रेलवे गोदाम की डस्ट से बैतूल में दिल्ली के प्रदूषण जैसे हालात!
Betul Samachar: Situation like Delhi's pollution in Betul due to dust from railway warehouse!

रामनगर, गर्ग कालोनी क्षेत्र के 2 हजार से अधिक लोगों के अलावा व्यापारियों पर प्रदूषण की खतरनाक मार
Betul Samachar: बैतूल। रेलवे स्टेशन से सटे हुए रेलवे गोदाम से उड़ने वाली डस्ट ने स्थानीय रहवासियों में डर का माहौल निर्मित कर दिया है। कारण यह बताया जा रहा है कि गोदाम में सीमेंट की रैक खाली किए जाने के दौरान उड़ने वाली डस्ट नई दिल्ली के प्रदूषण जैसी नजर आ रही है। आसमान में 24 घंटे धुंध छाई रहती है तो इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों के घरों में भी डस्ट के अंश आसानी से देखे जा सकते हैं। अब लोग टीबी, अस्थमा और स्किन डिसीज जैसी बीमारियों को लेकर खासे आशंकित हैं। खास बात यह है कि क्षेत्र में रहने वाले बुजुर्गों और बच्चों पर इसका ज्यादा खतरा मंडरा रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि गोदाम को मरामझिरी शिफ्ट किए जाने के दावे पिछले कई सालों से सिर्फ कागजों पर ही घूम रहे हैं। मौजूदा हालतों में प्रशासन को इस इलाके का एक्यूआई टेस्ट कराने की जरूरत है, जिससे यह पता तो लग सकेगा कि प्रदूषण किस स्तर पर पहुंच रहा है।
2 हजार परिवार झेल रहे खतरनाक प्रदूषण की मार
रेलवे स्टेशन पर सीमेंट सहित अन्य सामग्रियों की लोडिंग, अनलोडिंग का काम रोजाना किया जा रहा है। इस काम मे करीब 100 से 150 मजदूरों को रोजगार तो मिला है, लेकिन हवा में उड़ रही सीमेंट की डस्ट लोगों के लिए जानलेवा बीमारियों को जन्म दे रही है। रेल यात्री समिति के संयोजक रमेश भाटिया के मुताबिक रेलवे गोदाम से हो रहे प्रदूषण की चपेट में बड़ा क्षेत्र आ रहा है। इनमे रामनगर, गर्ग कालोनी, जाकिर हुसैन वार्ड, रेलवे कॉलोनी, स्टेशन के ठीक सामने वाला क्षेत्र प्रमुख है। इन इलाकों में करीब 2 हजार परिवार निवास कर रहे हैं तो वहीं स्टेशन के आसपास करीब 300 दुकानदार ऐसे हैं, जो लम्बे समय से प्रदूषण की मार झेल रहे हैं। सुबह से लेकर दिन ढलने तक आसमान में जमी हुई डस्ट की धुंध देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रदूषण किस स्तर तक इलाके में मार कर रहा है।
प्रशासन कराए एक्यूआई लेबल की जांच
रेल यात्री सुरक्षा समिति संयोजक का कहना है कि मौजूदा हालातों में इस इलाके की स्थिति नई दिल्ली के प्रदूषण जैसी नजर आ रही है। रेलवे गोदाम से सीमेंट सहित अन्य सामग्री ट्रकों के माध्यम से रेल्वे स्टेशन रोड से पूरे जि़ले में भेजी जाती है। शासन-प्रशासन यदि बारीकी से एक्यूआई लेबल सहित इसकी जांच करें तब पता चलेगा कि इस क्षेत्र में रहवासी और दुकानदार सभी लंबे समय से इस प्रदूषण के कारण परेशान हैं और बीमारी की चपेट में हैं। प्रशासन को इसकी सुध तत्काल लेने की पहल कर नई व्यवस्था बनाने के प्रयास तेज करना चाहिए। यदि इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो नागरिक टीबी, अस्थमा और स्किन डिसीज जैसी गंभीर बीमारी के शिकार हो सकते हैं।
इनका कहना….
माल गोदाम मरामझिरी शिफ्ट किये जाने की प्रक्रिया चल रही है। इस संबंध में मरामझिरी स्टेशन का निरीक्षण भी किया है। जल्द प्रक्रिया पूर्ण हो जाएगी।
मनीष अग्रवाल, डीआरएम, मध्य रेल नागपुर




