Betul Samachar: बैंक संपत्ति असलियत सामने आई तो कई चेहरे होंगे बेनकाब!
Betul Samachar: If the reality of bank assets comes out, many faces will be exposed!

एसआईटी की जांच जारी, एसपी ने सारणी पहुंचकर 7 पटवारियों से की चर्चा, एसबीआई पहुंचकर निकलवाई भाजपा नेता रविन्द्र की आत्महत्या के आरोपियों की जानकारी
Betul Samachar: बैतूल। सारणी के हाईप्रोफाइल भाजपा नेता रविंद्र देशमुख की आत्महत्या मामले में पुलिस पर लगातार दबाव बढ़ते जा रहा है। यही वजह है कि राजधानी भोपाल से भी इस मामले में बैतूल के नेताओं के पास भी फोन घनघना रहे हैं। सूत्र तो यह भी बता रहे हैं मुख्यमंत्री और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष खुद इस मामले में नाराज है। यही वजह है कि पुलिस को भाजपा नेताओं के आरोपियों होने के बावजूद सख्ती बरतनी पड़ रही है। भाजपा नेता आत्महत्या मामले में कल ही पुलिस ने फरार आठ आरोपियों पर 3-3 हजार रुपए का ईनाम घोषित किया है।
इधर खबर है कि एसआईटी इस मामले की सूक्ष्मता से जांच कर रही है। आत्महत्या करने वाले भाजपा नेता के आरोपों की जांच के लिए एसआईटी सभी आरोपियों के बैंक खाते समेत संपत्ति का पता जुटाने में लगी है। कुछ ही दिनों में संपत्ति की जानकारी सामने आने पर मामले में बड़ा पर्दा उठने से इंकार नहीं किया जा सकता है। दूसरी ओर राजधानी भोपाल से बढ़ते दबाव के बीच एसपी निश्चल एन झारिया को गुरुवार एक बार फिर सारणी पहुंचना पड़ा। उन्होंने यहां पर राजस्व विभाग के 7 पटवारियोँ से आरोपियों की चल- अचल संपत्ति का डाटा निकालने को लेकर कर चर्चा की। इसके बाद वे सारणी के एसबीआई भी पहुंचे और आत्महत्या मामले के आरोपियों के खातों की जानकारी भी ली है।
सूत्र बताते हैं कि भाजपा नेता रविंद्र देशमुख आत्महत्या मामले में सीधे मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष वीडी शर्मा खुद नाराज बताए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष ने जिले के वरिष्ठ नेताओं के अलावा एसपी से भी इस मसले पर चर्चा की है। निर्देश दिए हैं कि मामले का जल्द से जल्द खुलासा किया जाए। यही वजह है कि पुलिस पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा है। एसपी झारिया भी इसी मामले को लेकर गुरुवार सारणी पहुंचे थे। उन्होंने सारणी के अधिकारियों की बैठक भी ली है। सुबह से दोपहर तक एसपी सारणी में मामले को लेकर पुलिस टीम से चर्चा कर रहे हैं।
सूत्र बताते हैं कि उन्होंने आरोपियों की तलाशी के लिए अधिकारियों को और अधिक सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। पहले से ही पुलिस ने रविंद्र देशमुख आत्महत्या मामले में एक एसडीओपी, दो टीआई, चार सब इंस्पेक्टर समेत एक दर्जन से अधिक कर्मचारियों को आरोपियों को दबोचने के लिए भेजा है। अब तक केवल दो आरोपी दीपक शिवहरे और प्रमोद गुप्ता को हिरासत में लिया है। शेष आरोपी रंजीत सिंह, प्रकाश शिवहरे सहित अन्य आरोपियों का सुराग नहंी लगा है।
संपत्ति के खुलासे के बाद कार्रवाई संभव
जानकार सूत्रों ने बताया कि एएसपी कमला जोशी के नेतृत्व में बनाई गई एसआईटी इस मामले में सूक्ष्मता से जांच करने में जुटी है। रविंद्र देशमुख द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में आरोपी बनाए गए सभी के बैंक एकाउंट और चल-अचल संपत्ति की जांच की जा रही है।
कुछ दिनों में चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा सामने आ सकता है। यदि चल -अचल संपत्ति अनुपातहीन मिली तो भाजपा के दो पदाधिकारी रंजीत सिंह और प्रकाश शिवहरे पर पार्टी से निष्कासन की भी चर्चा जोरों पर है। चूंकि प्रदेश भाजपा संगठन भी इस मामले में पहले ही सख्त हो चुका है। इसी वजह दोनों भाजपा नेताओं पर कार्रवाई की संभावना अधिक दिखाई दे रही है।




