Betul Samachar : तहसील कार्यालय में अवैध कालोनियों की फाइल नहीं बढ़ रही आगे
Betul Samachar: The file of illegal colonies is not progressing in the Tehsil office.

डायर्सन आरआई की फाइल बढ़ाने में रूचि नहीं, एसडीएम के आदेश भी हवा में
Betul Samachar : बैतूल। इससे बड़ी विडंबना क्या हो सकती है कि बैतूल के तहसील परिसर स्थित एसडीएम कार्यालय में ही अवैध कालोनाइजरों को कहीं न कहीं संरक्षण मिला हुआ है। वैसे हर दिन कालोनाइजरों की धमाचौकड़ियां देखने को मिलती है, लेकिन तथ्य सामने आए है कि डायवर्सन करने वाले आरआई अवैध कालोनियों की फाइलें ही आगे नहीं बढ़ा रहे हैं। इससे उन पर एफआईआर की कार्रवाई तय नहीं हो रही है। इस मामले में एसडीएम तहसीलदार को पत्र देने के निर्देश दे चुके हैं, लेकिन उनके आदेश भी हवा में रखे जा रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि एसडीएम भी इस मामले में खासे परेशान हो चुके हैं।
बैतूल के तहसील कार्यालय में छोटे कर्मचारियों और कालोनाइजरों का चोली-दामन का साथ है। यह बात किसी से छिपी नहीं है। कई बार इसके उदाहरण भी देखने को मिल चुके हैं। जानकार सूत्रों ने बताया कि छोटे कर्मचारियों द्वारा अधिकारियों को गुमराह करने के कारण ही अवैध कालोनियों को पनपने का मौका मिला है। एक अन्य सूत्र ने बताया कि एसडीएम राजीव कहार अवैध कालोनियों के मामले में कलेक्टर के निर्देशों का सख्ती के साथ पालन कर रहे हैं। उन्होंने अपने अधीनस्थों को दो टूक शब्दों में अवैध कालोनियों के मामले में कोताही न बरतने के निर्देश भी दिए हैं, लेकिन वर्षों से अंगद के पांव की भांति यहां पर जमे हुए हैं। इसी के कारण पूरे तहसील कार्यालय में कालोनाइजरों की धमाचौकड़ी लगातार बढ़ रही है।
आरआई की भूमिका पर उठ रहे सवाल
जानकार सूत्रों ने बताया कि एसडीएम कार्यालय के डायवर्सन आरआई की भूमिका पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। दरअसल अवैध कालोनियों के मामले की कई फाइल टेबल से बाहर ही नहीं आ रही है। एसडीएम के टेबल पर फाइल नहीं आने के कारण बैतूल अनुविभाग के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की कई अवैध कालोनियों के मामले सामने नहीं आ पाए। इससे एसडीएम भी खासे परेशान बताए जा रहे हैं।
जानकार सूत्रों ने बताया कि एसडीएम कहार ने जिन अवैध कालोनियों की जांच हो चुकी है। ऐसे मामलों में उन्होंने बैतूल तहसीलदार को पत्र देने को कहा था, लेकिन लंबा समय बीतने के बाद भी डायवर्सन आरआई ने एसडीएम के आदेशों का पालन नहीं किया। सूत्रों के मुताबिक यह मामला अभी भी एसडीएम कार्यालय में धूल खा रहा है। यदि डायवर्सन आरआई तहसीलदार को यह फाइल सौंप देते तो शायद अब तक कम से कम तीन से अधिक कालोनाइजरों पर एफआईआर हो चुकी होती।
तहसील कार्यालय की कार्रवाई पर क्यों उठ रहे सवाल?
यह पहला मौका नहीं है जब बैतूल तहसील कार्यालय सुर्खियों में है। आए दिनों यहां लंबे समय से पदस्थ कर्मचारियों द्वारा किसी न किसी मामले में रोक टोक की जानकारी सामने आ रही है। कई लोगों ने बताया कि तहसील कार्यालय में कालोनाइजर समेत अन्य रसूखदार लोगों के काम एक प्रतिशत भी नहीं रूकते, लेकिन छोटे-छोटे मामलों में दूरदराज से आने वाले लोगों को जबरन परेशान किया जाता है।
कालोनाइजरों की ताकत के आगे यहां के कर्मचारी बौने नजर आ रहे हैं। यदि यहां लगे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी की जाए तो पूरी वस्तुस्थिति सामने आ जाएगी। जिस तरह आरआई और अन्य कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, इससे पूरा राजस्व अमला कटघरे में आ खड़ा हुआ है। इस संबंध में बैतूल एसडीएम राजीव कहार को उनके मोबाइल 9425169488 पर कई बार काल किया, लेकिन कवरेज में नहीं होने के कारण चर्चा नहीं हो सकी।





