Nanda Golikand : नान्दा गोलीकांड: पिस्टल को एयरगन बताकर बचाने की कोशिश!
पुलिस ने दावे को किया खारिज, ज्वेलर्स पुत्र के हथियार प्रदर्शन पर उठ रहे गंभीर सवाल

बैतूल। भीमपुर क्षेत्र के नांदा में ज्वेलर्स दुकान के ठीक सामने कथित तौर पर गोली चलने का मामला अब कई सवालों के घेरे में है। आखिर सार्वजनिक स्थान पर पिस्टल किसने लहराई और गोली किसने चलाई? क्या यह महज दहशत फैलाने का प्रयास था या फिर दो महीने पुरानी मारपीट और शिकायत वापस लेने के दबाव से जुड़ा कोई गहरा विवाद इस गोलीकांड की असली वजह है?
घटनाक्रम की परतें खुलने के साथ ही अब इस मामले में एक नई कहानी भी सामने आ रही है, जिसने संदेह और बढ़ा दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, विवाद की जड़ करीब दो महीने पुरानी एक मारपीट की घटना से जुड़ी बताई जा रही है। चर्चा है कि जिला मुख्यालय पर गोली चलाने के आरोपी युवक के साथ मारपीट हुई थी।
इसके बाद दर्ज शिकायत को वापस लेने के लिए दबाव बनाए जाने की बातें भी सामने आई हैं। इसी पुरानी रंजिश के बीच नांदा में गोली चलने का घटनाक्रम सामने आने से पूरे मामले के तार आपस में जुड़ते नजर आ रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे दिलचस्प और गंभीर मोड़ ज्वेलर्स संचालक के पुत्र की ओर से सामने आया कथित बचाव है।
बताया जा रहा है कि अब पिस्टल को एयरगन बताने की कहानी गढ़ी जा रही है। इतना ही नहीं, हथियार पुलिस को सौंप दिए जाने की बात कहकर भी मामले को अलग दिशा देने की कोशिश किए जाने की चर्चा है। हालांकि पुलिस ने हथियार पुलिस को सौंपे जाने के इस दावे को सिरे से नकार दिया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ज्वेलर्स पुत्र पर क्षेत्र में अपनी दबंगई और धाक कायम करने के उद्देश्य से सार्वजनिक रूप से पिस्टल का प्रदर्शन करने के आरोप लग रहे हैं। अब सवाल यह है कि यदि हथियार महज एयरगन थी तो उसे लेकर इतनी सफाई क्यों दी जा रही है? और यदि पिस्टल थी तो उसे पुलिस के सामने पेश करने के बजाय एयरगन बताने की नौबत क्यों आई?
पुरानी शिकायत दबाने का दबाव या इलाके में दहशत कायम करने की कोशिश?
मामले का दूसरा पहलू दो महीने पुरानी मारपीट और शिकायत वापस लेने के कथित दबाव से जुड़ा है। क्या गोलीकांड का मकसद किसी पुराने विवाद में अपनी ताकत दिखाना था? क्या शिकायतकर्ता को डराने की कोशिश की गई? अथवा इसके पीछे कोई दूसरा घटनाक्रम है, जिसे अभी सामने आना बाकी है? फिलहाल इन सवालों के जवाब पुलिस जांच से ही स्पष्ट होंगे। हथियार की वास्तविक प्रकृति, गोली चलाने वाले की पहचान और घटनास्थल पर मौजूद लोगों की भूमिका इस मामले के सबसे अहम बिंदु हैं। अब निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं। क्या कथित हथियार प्रदर्शन और पुराने विवाद के बीच का कनेक्शन सामने आएगा, या एयरगन की कहानी के पीछे गोलीकांड का असली राज दबा रह जाएगा? आने वाली कड़ियों में इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों को परत-दर-परत सामने लाया जाएगा।




