Politics: राजनीतिक हलचल: शेर का बाल, दांत और माननीय की तबियत का क्या सस्पेंस?? पद मिलते ही किस विधायक प्रतिनिधि की बढ़ी सक्रियता???कार्यवाहक की परमानेंट छुट्टी का आखिर क्या है माजरा???? विस्तार से पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम राजनीतिक हलचल में……..

शेर का बाल, शेर का दांत और माननीय की तबीयत का सस्पेंस

मनुष्य की जुबान ही ऐसी है, जब चलती है तो कई बार दिमाग का सिग्नल काट देती है और राजनीति में तो ये फिसलती कुछ ज्यादा ही है। ऐसा ही एक नमूना बीते दिनों पवित्र का दर्जा वाले क्षेत्र के किनारे वाली चाय टपरी पर देखने को मिला। चर्चा है कि अपने एक माननीय इन दिनों अस्वस्थ चल रहे हैं। इलाज के लिए संतरा नगरी से लेकर चार मीनार वाले शहर तक की दौड़ लग रही है। माननीय के दो अनन्य समर्थक इस दौड़ में साथ नहीं जा पाए, इसका उन्हें गहरा मलाल था।

इसी मलाल को कम करने दोनों सरोवर के पास चाय की चुस्की लेते हुए गम साझा कर रहे थे। चाय गरम थी, चर्चा उससे भी गरम। बातों ही बातों में माननीय के इतने गंभीर रूप से बीमार होने का कारण तलाशने लगे। तभी एक ने लाल बुझक्कड़ अंदाज में ज्ञान दिया – ‘पक्का किसी ने खुन्नस में शेर का बाल खिला दिया होगा, तभी तो पेट में इतना मरोड़ है। बस फिर क्या था, दूसरा समर्थक भी चाचा चौधरी बन गया।

कंप्यूटर से भी तेज दिमाग दौड़ाया और बोला – ‘बाल लाएगा कौन? लाएगा वही जो खुद गले में शेर का दांत लटकाकर आंखें तरेरता घूमता है। इतना सुनते ही दोनों ने एक-दूसरे की आंखों में देखा और ऐसी संतुष्टि के भाव आए, जैसे माननीय की बीमारी की असली वजह का नोबेल पुरस्कार इन्हीं को मिल गया हो। मजे की बात ये कि ये खोज उन्होंने अपने तक ही सीमित नहीं रखी। चाय की टपरी से उठते-उठते कई और लोगों को भी समझा दिया कि देखो, हमारे इलाके में शेर का दांत पहनता कौन है। अब चाय में शेर के बाल और दांत का ये किस्सा पूरे शहर में तैर रहा है। माननीय की तबीयत का पता नहीं, पर समर्थकों की जुगाली ने सियासत में नया टोटका जरूर लॉन्च कर दिया है।

प्रतिनिधि जी की बल्ले-बल्ले, सियासी गलियारों में भविष्य के पोस्टर की चर्चा!

जिले के एक प्रमुख माननीय की व्यस्तता क्या बढ़ी, प्रतिनिधि जी की राजनीतिक सक्रियता में भी अचानक चार चांद लग गए। पहले कभी-कभार ही किसी कार्यक्रम में दर्शन देते थे, लेकिन अब आलम यह है कि माननीय जहां-जहां, प्रतिनिधि जी वहां-वहां! मंच हो या समारोह, सार्वजनिक आयोजन हो या कोई खास जमावड़ा, दोनों की जुगलबंदी देखते ही बन रही है। मानो जिम्मेदारी प्रतिनिधित्व की मिली हो, लेकिन चर्चे भविष्य की भूमिका के शुरू हो गए हों! अब सियासत में यूं ही तो धुआं नहीं उठता, हालांकि हर धुएं के पीछे आग हो, यह भी जरूरी नहीं। मगर प्रतिनिधि जी की लगातार बढ़ती मौजूदगी ने कयासबाजों को बैठे-बिठाए नया विषय जरूर दे दिया है।

कोई इसे जिम्मेदारी का तकाजा बता रहा है, तो कोई इसे सियासी पिच पर लंबी पारी खेलने की तैयारी के तौर पर देख रहा है। चर्चा तो यहां तक है कि माननीय के साथ कदमताल करते-करते कहीं प्रतिनिधि जी अपने कदमों की आहट भी सुनाने तो नहीं लगे हैं! फिलहाल, माननीय की व्यस्तता और प्रतिनिधि जी की सक्रियता का यह तालमेल खूब सुर्खियां बटोर रहा है। अब यह महज प्रतिनिधित्व का प्रोटोकॉल है या भविष्य की राजनीति का ट्रेलर, इसका जवाब तो वक्त ही देगा। लेकिन इतना तय है कि सियासत में कुर्सी पर बैठा शख्स ही नहीं, कुर्सी के आसपास लगातार नजर आने वाला चेहरा भी खूब सुर्खियां बटोरता है!

कार्यवाहक की परमानेंट छुट्टी, पवित्र नगरी में चर्चा अपवित्र वाली

नागपुरी संगठन में इन दिनों एक परमानेंट छुट्टी खूब चर्चा में है। जिला कार्यवाहक की पवित्र नगरी से बिदाई हो गई है और संगठन के गलियारों में कहा जा रहा है – बड़े बेआबरू होकर कूचे से निकले। बताते हैं कि इनकी बिदाई की वजह पवित्र नहीं, बल्कि अपवित्र बताई जा रही है। ग्वाल बंशी जनाब की तबीयत कुछ ज्यादा ही रंगीन मिजाज की थी, ये बात संगठन में पहले से ही कानाफूसी में थी। कुछ समय पहले पवित्र नगरी में ये किस्सा भी खूब उड़ा था कि लोकल हेडक्वार्टर में ही इन्हें ऐसी हालत में देख लिया गया था, जिससे संगठन की गरिमा पर सवाल खड़े हुए थे।

अब जब छुट्टी की खबर आई, तो नई चर्चा ने जोर पकड़ लिया। जिला मुख्यालय की एक चर्चित सुंदर बाउंसर के चक्कर में कार्यवाहक खुद ही बाउंस हो गए, ऐसी जुबानी जमा खर्च चल रही है और इस पूरे प्रसंग में सबसे ज्यादा नाम उछल रहा है किसी कॉपी-किताब वाले का। बताया जाता है कि वे नागपुरी संगठन का फातिहा पढ़ चुका है औऱ उसी के नाम पर खूब डींगें मारता फिरता है। अब लोग जोड़-तोड़ लगा रहे हैं कि बाउंसर और कार्यवाहक के बीच समन्वयक की भूमिका में कहीं वही तो नहीं था? फिलहाल पवित्र नगरी से बिदाई हो चुकी है, पर चर्चा अभी भी अपवित्र ही चल रही है।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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