Water Conservation: सात वर्ष बाद अल्प बारिश से जलसंकट की आहट, हर ब्लाक में जलसंरक्षण की तैयारी

सांझवीर की खबर के बाद विधायक खंडेलवाल ने ली अधिकारियों की बैठक, सिरपुर पेटर्न पर हर ब्लाक में बनेंगे मिनी वाटरशेड

Water Conservation: बैतूल। जिले में इस साल हुई अल्प बारिश के बाद भविष्य के जलसंकट को लेकर प्रशासन ने जल संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। सांझवीर टाईम्स ने कुछ दिन पहले जिले में कम बारिश के बावजूद बारिश के पानी को सहेजने की तैयारियों को लेकर प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी।

खबर के बाद विधायक हेमंत खंडेलवाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सोमवार को कलेक्ट्रेट में बैठक बुलाई। बैठक में तय किया गया कि बैतूल जिले के हर विकासखंड में सिरपुर पैटर्न के आधार पर एक-एक उपयुक्त मिनी वाटरशेड चिन्हित किया जाएगा और अक्टूबर तक जल संरक्षण के काम शुरू किए जाएंगे।

बैठक में विधायक और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने संबंधित अधिकारियों को जल संरक्षण के लिए ऐसे स्थानों का चयन करने के निर्देश दिए, जहां बारिश के पानी को रोककर भूजल स्तर बढ़ाने की पर्याप्त संभावना हो। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में जलसंकट के स्थायी समाधान के लिए बारिश के पानी को अधिक से अधिक रोकना और उसे जमीन में उतारना रहा।

सांझवीर टाईम्स की खबर के बाद सक्रिय हुआ प्रशासन

जिले में इस वर्ष कम बारिश को लेकर सांझवीर टाइम्स ने जलसंकट की संभावित स्थिति और बारिश के पानी को सहेजने के लिए समय रहते ठोस कार्ययोजना बनाने की जरूरत को प्रमुखता से उठाया था।

खबर प्रकाशित होने के बाद विधायक खंडेलवाल ने अधिकारियों से चर्चा की और सिरपुर पैटर्न को जिले में व्यापक स्तर पर लागू करने की संभावनाओं पर मंथन के लिए बैठक आयोजित की। विधायक के आग्रह पर प्रोजेक्ट डायरेक्टर वाटर कंजरवेशन एवं सिरपुर पैटर्न विशेषज्ञ एसबी खानापुरकर भी बैठक में पहुंचे।

उन्होंने महाराष्ट्र के सिरपुर में जल संरक्षण के सफल प्रयोग की जानकारी देते हुए बैतूल की भौगोलिक और भूगर्भीय परिस्थितियों के अनुसार इसके उपयोग की संभावनाओं पर प्रस्तुतीकरण दिया।

बारिश का पानी बहने से रोककर एक्विफर होगा रिचार्ज

विशेषज्ञ ने बताया कि सिरपुर पैटर्न का मुख्य उद्देश्य बारिश के पानी को तेजी से बहकर बाहर जाने से रोकना और उसे जल संरचनाओं के माध्यम से एक्विफर यानी भूजल भंडार तक पहुंचाना है।

इसके लिए किसी क्षेत्र की भूगर्भीय संरचना, ढाल और प्राकृतिक जल प्रवाह का वैज्ञानिक अध्ययन जरूरी है। मौसमी नालों और जलधाराओं में उपयुक्त स्थानों पर जल संरचनाएं बनाकर पानी को लंबे समय तक रोका जा सकता है। इससे भूजल स्तर बढ़ाने के साथ आसपास के क्षेत्रों में सिंचाई और पेयजल की उपलब्धता भी बढ़ सकती है।

200 से 300 मीटर की दूरी पर बनेंगे चेक डैम

प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि स्थानीय भूगर्भीय परिस्थितियों के अनुसार चेक डैम और अन्य जल संरचनाओं के बीच करीब 200 से 300 मीटर की दूरी रखी जा सकती है। इसके साथ ही जलग्रहण क्षेत्र में कंटूर कंट्रोल ट्रेंच (सीसीटी) सहित अन्य जल संरक्षण कार्य किए जाएंगे।

मिनी वाटरशेड के तहत प्रत्येक जलधारा की ढाल और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। इसका उद्देश्य बारिश के दौरान बहने वाले पानी की गति कम कर उसे अधिक समय तक क्षेत्र में रोकना और भूजल पुनर्भरण बढ़ाना है।

नयेगांव, जगदर और परसोड़़ी भोगीटेढ़ा के अनुभव भी साझा

बैठक में बैतूल जिले में पहले से सिरपुर पैटर्न के तहत किए गए कार्यों की भी जानकारी दी गई। नयेगांव, जगदर और परसोड़़ी भोगीटेढ़ा में इस मॉडल से लाभान्वित किसानों के अनुभव साझा किए गए। जल संरक्षण कार्यों के बाद इन क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता और किसानों को मिले लाभों पर भी चर्चा हुई।

विशेषज्ञ ने बताया कि सिरपुर पैटर्न को सिंचाई और पेयजल के साथ औद्योगिक जरूरतों के लिए भी उपयोगी बनाया जा सकता है। जल संरक्षण के जरिए सूखती जलधाराओं के पुनर्जीवन के साथ बाढ़ और सूखे के प्रभाव को कम करने में भी मदद मिल सकती है।

हर ब्लॉक में एक मिनी वाटरशेड, अक्टूबर तक काम शुरू करने का लक्ष्य

बैठक के बाद जिले के सभी विकासखंडों में एक-एक उपयुक्त मिनी वाटरशेड चिन्हित कर अक्टूबर तक जल संरक्षण कार्य शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए संबंधित विभागों को स्थानीय जलग्रहण क्षेत्र, भूगर्भीय संरचना और जल प्रवाह का अध्ययन कर स्थान चयन करने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में विधायक आमला डॉ. योगेश पंडाग्रे, विधायक मुलताई चंद्रशेखर देशमुख, जिला विकास सलाहकार समिति सदस्य सुधाकर पवार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष हंसराज धुर्वे, कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे, जिला पंचायत सीईओ गणेश जायसवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपूसे सहित संबंधित अधिकारी और सिरपुर पैटर्न से लाभान्वित किसान मौजूद रहे।

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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