Betul Nagar Palika: कार्रवाई की तलवार लटकी तो गायब हुए राजस्व निरीक्षक

सीएमओ के नोटिस और निलंबन प्रस्ताव की चेतावनी के बाद चार दिन से कार्यालय से दूरी, फोन भी बंद
Betul Nagar Palika: बैतूल। जिला मुख्यालय की नगरपालिका में अफसर-कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। सीएमओ नवनीत पांडेय की सख्ती और लगातार समीक्षा के बावजूद नगरपालिका के कुछ अधिकारी-कर्मचारी अपने हिसाब से काम कर रहे हैं। इसका सीधा असर शहर की व्यवस्थाओं पर दिखाई दे रहा है। सबसे ज्यादा शिकायतें राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर सामने आ रही हैं। राजस्व वसूली की स्थिति संतोषजनक नहीं होने के साथ ही शहर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी नियमित नहीं हो पा रही है।
मामले में नगरपालिका के राजस्व निरीक्षक बृजगोपाल परते पर कार्रवाई की तलवार लटकने के बाद उनके अचानक कार्यालय से गायब होने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार सीएमओ ने लापरवाही को लेकर आरआई को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
साथ ही चेतावनी दी गई थी कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके निलंबन का प्रस्ताव पीआईसी के समक्ष भेजा जा सकता है। इसके बाद बीते गुरुवार से आरआई कार्यालय नहीं पहुंचे हैं। बताया जा रहा है कि वे न तो कार्यालय आ रहे हैं और न ही अधिकारियों-कर्मचारियों के फोन रिसीव कर रहे हैं। इससे राजस्व विभाग से जुड़े कामकाज पर असर पड़ने की बात सामने आ रही है।
नोटिस के बाद कार्यालय से दूरी, जिम्मेदारी किसकी?
नगरपालिका में आरआई का काम राजस्व विभाग की गतिविधियों से सीधे जुड़ा है। ऐसे में लगातार कई दिनों तक कार्यालय में उपस्थित नहीं रहने से विभागीय कामकाज प्रभावित होना स्वाभाविक है। खासकर राजस्व वसूली, अतिक्रमण संबंधी कार्रवाई और इससे जुड़े प्रकरणों में अधिकारी-कर्मचारियों के बीच समन्वय की जरूरत होती है।
नगरपालिका सूत्रों के अनुसार आरआई की कार्यप्रणाली को लेकर पहले भी शिकायतें और नाराजगी सामने आती रही हैं। मौजूदा सीएमओ के कार्यभार संभालने के बाद विभागीय कामकाज में कसावट लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी दौरान राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर जनप्रतिनिधियों और पार्षदों की नाराजगी भी सामने आई थी। इसके बाद सीएमओ ने कार्रवाई की चेतावनी देते हुए नोटिस जारी किया।
पहले भी मिल चुकी है फटकार
राजस्व निरीक्षक बृजगोपाल परते को लेकर यह पहला मामला नहीं है, जब उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हों। इससे पहले भी लापरवाही को लेकर उन्हें अधिकारियों की फटकार का सामना करना पड़ा है। पूर्व कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के कार्यकाल में भी उन्हें लापरवाही के चलते कलेक्ट्रेट स्थित निर्वाचन कार्यालय में अटैच किया गया था। इसके बावजूद नगरपालिका में वापस जिम्मेदारी मिलने के बाद भी उनकी कार्यप्रणाली को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। अब ताजा मामले में नोटिस के बाद कार्यालय से लगातार अनुपस्थित रहने से विभागीय स्तर पर नई चर्चा शुरू हो गई है।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर भी सवाल
शहर में लगातार बढ़ रहे अतिक्रमण को लेकर भी नगरपालिका का राजस्व अमला सवालों के घेरे में है। शहर के प्रमुख मार्गों, बाजार क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण की समस्या लगातार बनी हुई है। कई स्थानों पर कार्रवाई के नाम पर औपचारिकता पूरी होने के बाद कुछ ही समय में दोबारा अतिक्रमण हो जाता है।
बताया जाता है कि शहर को नगर निगम बनाने की कवायद के बीच शहर की व्यवस्थाओं को बेहतर करने पर भी जोर दिया जा रहा है। विधायक एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की ओर से शहर में नियमित रूप से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए हर बुधवार कार्रवाई करने की बात कही गई थी। हालांकि जमीनी स्तर पर यह कार्रवाई नियमित नजर नहीं आ रही है।
हटाया अतिक्रमण, फिर उसी जगह जम गया कब्जा
नगरपालिका द्वारा कई स्थानों पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाती है, लेकिन कार्रवाई के बाद निगरानी और फॉलोअप नहीं होने से कुछ दिनों बाद उसी स्थान पर फिर से कब्जे की स्थिति बन जाती है। इससे अतिक्रमणकारियों में नगरपालिका की कार्रवाई का डर खत्म होता जा रहा है। नगरपालिका के राजस्व विभाग और अन्य संबंधित अमले के बीच पर्याप्त समन्वय नहीं होने की वजह से भी कार्रवाई प्रभावित होने की बात कही जा रही है। यदि एक बार अतिक्रमण हटाने के बाद उसी स्थान की नियमित निगरानी नहीं की जाए तो कार्रवाई का उद्देश्य ही अधूरा रह जाता है।
राजस्व वसूली भी चुनौती
अतिक्रमण के अलावा नगरपालिका के सामने राजस्व वसूली का लक्ष्य पूरा करना भी बड़ी चुनौती है। संपत्तिकर सहित अन्य राजस्व मदों में वसूली बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जाने की जरूरत है। इसके बावजूद राजस्व विभाग की सुस्ती के चलते अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने की शिकायतें हैं।
अब आरआई के लगातार कार्यालय नहीं आने से यह सवाल भी उठ रहा है कि विभागीय कामकाज की निगरानी कौन कर रहा है और लंबित मामलों की जिम्मेदारी किस अधिकारी की होगी। यदि कोई अधिकारी बिना सूचना लगातार अनुपस्थित रहता है तो नगरपालिका प्रशासन को इस मामले में स्पष्ट स्थिति सामने लाने की जरूरत है।
कार्रवाई की चेतावनी के बाद बढ़ी हलचल
सीएमओ द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने और निलंबन का प्रस्ताव पीआईसी में भेजे जाने की चेतावनी के बाद आरआई के कार्यालय नहीं पहुंचने का मामला नगरपालिका में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह है कि नगरपालिका प्रशासन इस अनुपस्थिति को किस तरह लेता है और क्या इस मामले में विभागीय स्तर पर कोई कार्रवाई की जाती है। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि राजस्व वसूली और अतिक्रमण हटाने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को पटरी पर लाने के लिए प्रशासन क्या ठोस कदम उठाता है।
हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें
👇https://chat.whatsapp.com/KWRuTRhIWoXDiwhdwiCm29?mode=gi_t
बैतूल जिले की ताजा खबरें (Hindi News Madhyapradesh) अब हिंदी में पढ़ें| Trending और Viral खबरों के लिए जुड़े रहे snewstimes.com से| आज की ताजा खबरों (Latest Hindi News) के लिए सर्च करें snewstimes.com




