Betul Ganj Underbridge : अंडरब्रिज के पास वैक्लपिक मार्ग निकालने का प्रयास तेज
केंद्रीय मंत्री के निर्देश पर रेलवे- प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारियों ने किया मुआयना

Betul Ganj Underbridge : बैतूल। गंज के अंडर ब्रिज को रेलवे की तीसरी लाइन के काम की वजह से करीब डेढ़ माह के लिए बंद करना गर्ग कालोनी, रामनगर, पटवारी कालोनी और बडोरा जाने वाले लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। खासकर पटरी पा रहने वाले लोगों को पैदल जाने के लिए भी रास्ता नहीं बचा है। उन्हें मजबूरी में स्टेशन से स्टेशन की सीढ़िया चढ़कर एक प्लेटफार्म से दूसरे पर जाना मजबूरी बन गया है। बाकी लोग जान खतरे में डालकर पटरी पार कर रहे हैं।
क्षेत्र के लोगों ने केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके को सोमवार इस समस्या से अवगत कराया। इसके बाद उन्होंने कलेक्टर से चर्चा कर अंडरब्रिज के पास वैक्लपिक मार्ग तलाशने के लिए रेलवे और पुलिस और अधिकारियों से चर्चा करने के लिए कहा। बीती शाम को एसडीएम डॉ अभिजीत सिंह, यातायात प्रभारी गजेंद्र केन, रेलवे के इंजीनियर, पूर्व यातायात निरीक्षक अशोक कटारे, केंद्रीय मंत्री के प्रतिनिधि दीपक सलूजा मौके पर मौजूद रहे। इस दौरान नाले से दूसरी ओर जाने के लिए वैक्लपिक रास्ते पर कभी देर तक मंथन हुआ।

इटारसी से नागपुर के बीच तीसरे लाइन का काम तेजी से चल रहा है। अधिकांश क्षेत्र में लाइन बनकर तैयार हो गई है, लेकिन शहरी क्षेत्र में बने अंडरब्रिज पर तीसरे लाइन का काम नहीं होने से विलंब हो रहा है। इसी को देखते हुए रेलवे ने गंज और सोनाघाटी के अंडरब्रिज को डेढ़ माह के लिए बंद कर दिया है। सबसे अधिक परेशानी गंज के अंडरब्रिज के बंद होने से दिखाई दे रही है। यहां राम नगर, जाकिर हुसैन और जयप्रकाश वार्ड के हजारों लोगों की आवाजाही पर जैसे अघोषित प्रतिबंध लग गया है। पिछले पांच दिनों से अंडरब्रिज के काम के कारण लोगों को बडोरा ब्रिज से फेरा लगाकर अपने घरों तक जाना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी स्कूल के विद्यार्थियों को हो रही है, इनके लिए क्षेत्र में जाने वाली बसों को लंबी दूरी तय कर जाना पड़ रहा है। ऐसे में कई बसे तीनों वार्ड तक नहीं पहुंच पा रही है।

मंत्री के पास पहुंचे लोग, बताई समस्या
पटरी पार रहने वाले लोगों ने अपनी समस्या को लेकर हाल ही में केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके से मुलाकात की। क्षेत्र के लोगों ने उन्हें बताया कि अंडरब्रिज का काम डेढ़ माह तक बंद रहने से हजारों लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि रेलवे के प्लेटफार्म ब्रिज से जाने पर जुर्माने का डर रहता है, जब पटरी पार करने से जान जोखिम में रहती है। छोटे-बड़े वाहन चालकों को बडोरा में जाम से रूबरू होकर तीन किमी लंबा फेरा लगाकर घर तक पहुंचना पड़ रहा है। सभी ने केंद्रीय मंत्री उइके से इस संबंध में वैक्लपिक रास्ता निकालने का आग्रह किया है।
मंत्री के निर्देश पर पहुंचे अधिकारी
केंद्रीय मंत्री उइके ने लोगों की समस्या को देखते हुए तत्काल नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी और रेलवे के अधिकारियों को दूरभाष पर चर्चा करते हुए अंडरब्रिज के पास वैक्लपिक मार्ग तलाशने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सोमवार शाम एसडीएम अभिजीत सिंह को विकल्प तलाशने भेजा था। इस दौरान अधिकारियों ने अंडरब्रिज के बाजू से निकले नाले पर वैक्लपिक मार्ग तलाशा निरीक्षण के दौरान तर्क सामने आया है कि केवल एक बड़ा पाइप नाले पर डाल दिया जाए तो मिट्टी डालकर दोपहिया वाहन और पैदल रास्ता निकाला जा सकता है। छोटे चौपहिया वाहन भी बारी-बारी से निकल सकते हैं, लेकिन यातायात अवरूद्ध की संभावना हो सकती है। चूंकि नाला रेलवे के अधिकार क्षेत्र में है, इसलिए डीआरएम की अनुमति भी जरूरी होगी। इस संबंध में निर्णय लिया गया है कि केंद्रीय मंत्री को अवगत कराकर डीआरएम से चर्चा कराई जाए, ताकि नाले से वैक्लपिक मार्ग निकाला जा सके।
इनका कहना….
रामनगर और गर्ग कालोनी क्षेत्र के लोगों के अलावा बडोरा जाने वाले छोटे वाहन चालकों की परेशानी को देखते हुए कलेक्टर को अंडर ब्रिज के पास वैक्लपिक मार्ग तलाशने के निर्देश दिए थे। नाले को समतल कर रास्ता निकालने के लिए डीआरएम से शीघ्र चर्चा कर रास्ता निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
दुर्गादास उइके, केंद्रीय राज्य मंत्री, भारत सरकार
मंत्री जी के निर्देश पर निरीक्षण किया है। यातायात प्रभारी ने बताया कि बडोरा से वैक्लपिक मार्ग पर कोई बाधा नहीं है, इसलिए इस संबंध में अभी वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर निर्णय लिया जाएगा।
डॉ अभिजीत सिंह, एसडीएम बैतूल
– बडोरा से फिलहाल वाहनों की आवाजाही यातायात पुलिस की देखरेख में चल रही है। यदि अंडरब्रिज के बाजू से वैक्लपिक मार्ग निकलता है तो छोटे दोपहिया वाहन और पैदल मार्ग चालू होने से बडोरा ब्रिज पर यातायात कम होगा। इसके लिए प्रयास होने चाहिए।
गजेंद्र केन, यातायात प्रभारी बैतूल




