Betul News: पीआईसी में खाली खजाने के बीच निर्माण कार्यों की झड़ी

बैठक में थोक में 57 प्रस्ताव पारित, आमदनी कम फिर भी नए कार्यों की स्वीकृति पर उठे सवाल, 2 सहायक राजस्व निरीक्षकों पर कार्यवाही की अनुशंसा..
Betul News: बैतूल। नगरपालिका की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर बताई जा रही है। आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपैया जैसे हालात के बीच कई बड़े प्रोजेक्ट बजट के अभाव में अधूरे पड़े हैं। ऐसे हालात में गुरुवार को हुई पीआईसी बैठक में 57 बिंदुओं पर चर्चा करते बड़ी संख्या में निर्माण कार्यों और खर्च से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई, जिससे नगरपालिका की वित्तीय प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
नगरपालिका के बाल मंदिर सभा कक्ष में गुरुवार को आयोजित पीआईसी की बैठक में एजेंडे के 57 बिंदुओं पर चर्चा की गई। बैठक में विभिन्न निर्माण कार्यों, मरम्मत, सामग्री क्रय और भुगतान से जुड़े प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। हालांकि, नगरपालिका की मौजूदा आर्थिक स्थिति को देखते हुए इन प्रस्तावों को लेकर चर्चाओं का बाजार भी गर्म है। जानकारों का कहना है कि नगरपालिका की माली हालत पहले से ही ठीक नहीं है।
कई महत्वपूर्ण और बड़े विकास कार्य बजट की कमी के कारण धीमी गति से चल रहे हैं या अधूरे पड़े हैं। इसके बावजूद नए निर्माण कार्यों के प्रस्तावों को मंजूरी देना वित्तीय प्रबंधन पर सवाल खड़े करता है। बैठक में नगरपालिका अध्यक्ष पार्वती बारस्कर, उपाध्यक्ष महेश राठौर, नवागत सीएमओ नवनीत पांडे, पीआईसी सदस्य पिंटू परिहार, तरूण ठाकरे, रघुनाथ लोखंडे, विकास प्रधान, कल्पणा कैलाश धोटे, राजेश पानकर, रेणुका पवन यादव आदि उपस्थित रहे।
पुराने प्रोजेक्ट फंड के अभाव में अधूरे
सूत्रों के मुताबिक शहर में पहले से चल रहे कुछ बड़े प्रोजेक्ट धन की कमी के कारण पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में प्राथमिकता इन कार्यों को पूरी करने की होनी चाहिए थी, लेकिन बैठक में नए कार्यों को भी हरी झंडी दे दी गई। बैठक में विभिन्न वार्डों से जुड़े निर्माण और मरम्मत कार्यों के साथ-साथ पूर्व में कराए गए कार्यों के भुगतान प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। साथ ही आवश्यक सामग्री की खरीदी के प्रस्ताव भी पारित किए गए।
हालांकि नगरपालिका अधिकारियों का कहना है कि सभी प्रस्ताव नियमानुसार और आवश्यकता के आधार पर स्वीकृत किए गए हैं तथा विकास कार्यों को जारी रखना जरूरी है। वहीं शहर के कुछ लोगों का मानना है कि पहले से अधूरे पड़े कार्यों को पूरा करना अधिक जरूरी है। अब देखना यह होगा कि सीमित संसाधनों के बीच नगरपालिका इन स्वीकृत कार्यों को कैसे पूरा कर पाती है और वित्तीय संतुलन कैसे बनाए रखती है।
दो सहायक राजस्व निरीक्षकों पर कार्रवाई की अनुशंसा
पीआईसी की बैठक में कुल 57 विषय शामिल किए गए थे। बैठक में अधिकांश पर पीआईसी सदस्यों ने मोहर लगा दी है। पीआईसी में नपा के दो सहायक राजस्व निरीक्षक पुष्पराव महस्की और आरती सरियाम के विरूद्ध कार्रवाई किए जाने की अनुशंसा भी की गई। इन दोनों के कार्यों को अनुशासनहीनता भी माना है।
इसके अलावा बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-बजट, जल प्रदाय शाखा के लिए 2026-27 के लिए पोकलेन मशीन किराए से लेने, अमृत 2.0 में वूमन फार ट्री के अंतर्गत किए जाने वाले पौधरोपण में प्रोत्साहन राशि पचास रुपए दिए जाने के अलावा शहर के दो दर्जन वार्डों में सीसी वेयरिंग कोट रोड निर्माण, डामरीकरण, आरसीसी नाली निर्माण, सुलभ शौचालय, सीसी रोड बनाए जाने आदि विषयों पर भी सहमति बनी।




