Betul Samachar: 100 करोड़ की सीवरेज योजना से विकास पर संकट?

नई सड़कों की फिर होगी खुदाई, करोड़ों की बर्बादी तय!

Betul Samachar: बैतूल। शहर में विकास कार्यों की रफ्तार भले तेज दिखाई दे रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत यह संकेत दे रही है कि बिना समन्वय और दूरदर्शिता के किए जा रहे निर्माण कार्य भविष्य में भारी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकते हैं। शहर में लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित सीवरेज परियोजना अंतिम चरण की प्लानिंग में बताई जा रही है। इस योजना के तहत मुख्य मार्गों से लेकर गली-मोहल्लों तक व्यापक स्तर पर खुदाई कर पाइपलाइन डाली जाएगी।

चिंता की बात यह है कि वर्तमान में जिन सड़कों का निर्माण और डामरीकरण करोड़ों रुपये खर्च कर किया जा रहा है, उन्हीं सड़कों को सीवरेज लाइन बिछाने के लिए दोबारा खोदा जाएगा। इससे साफ है कि नपा,पीडब्ल्युडी और बिजली विभागों के बीच आपसी समन्वय का अभाव है। यदि सीवरेज योजना पहले से प्रस्तावित थी, तो सड़क निर्माण से पहले इसका क्रियान्वयन क्यों नहीं किया गया? यह सवाल आम नागरिकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

आगे पाट पीछे सपाट की तर्ज पर चल रहा काम

जानकारों का मानना है कि यदि पहले सीवरेज कार्य पूरा कर लिया जाता और उसके बाद सड़क निर्माण होता, तो सार्वजनिक धन की बचत संभव थी। लेकिन वर्तमान स्थिति में नई-नवेली सड़कों की खुदाई लगभग तय मानी जा रही है। इससे न केवल आर्थिक नुकसान होगा, बल्कि आम जनता को भी यातायात अव्यवस्था, धूल, कीचड़ और दुर्घटनाओं की आशंका जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।

करोड़ों की सड़कों का होगा सत्यानाश

पीडब्ल्यूडी और नगर पालिका द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों पर अब सवाल उठने लगे हैं। करगिल चौक से गड़ाघाट तक करीब 7 करोड़, तांगा चौक से एसडीएफसी बैंक , तथा कोतवाली से लल्ली चौक तक सड़क सहित अन्य सडकों की बर्बादी तय है। शहरवासियों का कहना है कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और समन्वय की कमी साफ दिखाई दे रही है। करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई सड़कों को यदि कुछ ही महीनों में उखाड़ दिया जाएगा, तो इसकी जवाबदेही किसकी होगी? क्या संबंधित विभागों से इस आर्थिक नुकसान की भरपाई की जाएगी या फिर इसका भार अंतत: आम करदाताओं पर ही पड़ेगा?

नहीं चेते तो विभागों के हाथ लगेगी सिर्फ आर्थिक क्षति

विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी शहर में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट जैसे सीवरेज, पेयजल पाइपलाइन और सड़क निर्माण को चरणबद्ध और समन्वित योजना के तहत किया जाना चाहिए। अन्यथा विकास की बजाय अव्यवस्था और आर्थिक क्षति ही हाथ लगती है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाता है। क्या सीवरेज योजना को सड़क निर्माण के साथ समन्वित किया जाएगा या फिर शहरवासियों को एक

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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