Politics: राजनीतिक हलचल: सरपंच की जीत पर किसने बजवाई ताली, हकीकत में मिली थीं हार ?? धान खरीदी के फर्जीवाड़े पर किस माननीय ने पहले खोला मोर्चा, अब बचाव के लिए क्यों मैदान में??? बड़ी बात करने वाले किस नेता के क्षेत्र से तबादला करवा कर चली गई डाक्टर, सोशल मीडिया पर कट रही नाक???? विस्तार से पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम राजनीतिक हलचल में…..

हार कर भी जीत के लिए बजवा ली ताली
एक विपक्षी पार्टी की पिछले दिनों जिला प्रभारी की मौजूदगी में बड़ी बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठन को मजबूत करने के एजेंडे पर मैराथन चर्चा हुई, लेकिन इस दौरान एक ऐसा भी क्षण आया, जब पार्टी प्रमुख ने जानकारी दी कि एक सरपंच चुनाव में पार्टी समर्थित सरपंच निर्विरोध जीत गई। उनकी इस जानकारी पर न सिर्फ जिला प्रभारी बल्कि राष्ट्रीय नेता और जिले के अन्य कार्यकर्ताओं ने जमकर तालियां बजा दी। चौकाने वाली बात यह है कि जिस समय जिला प्रमुख झूठ बोल रहे थे, ठीक उसी वक्त यह सरपंच सत्तारूढ़ पार्टी के कार्यालय में पार्टी का गमछा डालकर वरिष्ठ नेताओं के साथ फोटो भी खिंचवा रही थी। दूसरे दिन यही फोटो बैठक में मौजूद कांग्रेसियों ने देखी तो वे भौंचक्के हुए बिना नहीं रह सके। बैठक में शामिल कुछ कांग्रेसी चर्चा कर रहे थे कि पार्टी प्रमुख ने राष्ट्रीय नेता और जिला प्रभारी के सामने झूठी वाहवाही लूटकर तालियां बजवा ली। कुछ लोग इस मामले को लेकर चौक-चौराहों पर हास-परिहास के माहौल में खूब मजे ले रहे हैं।
पहले विरोध अब बैकफुट पर क्यों माननीय
जिले के एक माननीय अपने क्षेत्र में धान खरीदी के फर्जीवाड़े पर किसानों को लेकर अधिकारियों तक पहुंच गए। उनकी शिकायत को अधिकारियों ने गंभीरता से लिया। कुछ मामलों में प्रशासन ने एफआईआर भी कर ली, लेकिन नरेंद्र नाम का एक समिति प्रबंधक का नाम सामने आने के बाद वह माननीय की शरण में पहुंचा। चूंकि यह प्रबंधक माननीय का खासमखास बताया जा रहा है, इसलिए उसे आश्वासन दिया गया है कि कुछ नहीं होगा। चर्चा है कि धान में फर्जी पंजीयन की इस व्यापारी के खिलाफ भूमि मालिक ने भी शिकायत की है, लेकिन थाने में फोन घनघनाकर माननीय ने कार्रवाई न करने की हिदायत दे दी। बेचारे थाना प्रभारी भी माननीय के आदेश के बाद चुप्पी साधे बैठे हैं।
एक डॉक्टर का तबादला नहीं रूकवा सके क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि
अपने आप को वरिष्ठ और पावरफुल कहलाए जाने वाले एक जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र की महिला चिकित्सक की रवानगी के बाद हर मामले में बौने साबित हो गए। हाल ही में इस माननीय के क्षेत्र की एक महिला चिकित्सक का भोपाल के रातीबड़ तबादला हो गया और वे देखते के देखते रह गए। बमुश्किल उनके मुख्यालय में एक महिला चिकित्सक की सौगात पिछले दिनों मिली थी, यह भी शासन ने ही की थी। श्रेय लेने के लिए माननीय इसे अपने प्रयास बताने से नहीं चूके। इधर संचलनालय लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग ने कुछ दिनों पहले दो दर्जन से अधिक डॉक्टरों की फेरबदल की तो माननीय चुप्पी साधे बैठे रहे। एक पत्र भी इस मामले को लेकर नहीं लिखा। इस बात से लोग सोशल मीडिया और अन्य माध्यम से माननीय के पावर को लेकर मीम्स नहीं चूक रहे।




