Prashasnik Kona: प्रशासनिक कोना: राजस्व वाले बॉस आखिर अधीनस्थों की ना- नुकर से क्यों परेशान?? सफाई के लिए सीएमओ की यह कौनसी तरक़ीब??? मस्त साहब की मस्त मनमौजी, किसके साथ टकरा रहे अब जाम???? विस्तार से पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम प्रशासनिक कोना में……
Prashasnik Kona: Administrative corner: Why is the revenue boss upset with the refusal of his subordinates?? What is this trick of the CMO for cleaning???

अधीनस्थ अधिकारी के ना सुनने से परेशान
राजस्व वाले एक साहब अपने अधीनस्थ दो नम्बर की हैसियत रखने वाले अधिकारी की ना-नुकर से खासे परेशान है। वे पहले भी इसीलिए परेशान थे कि पुराने साहब उनकी बातों को तवज्जों नहीं देते थे। उनका जिले से ट्रांसर्फर हुआ तो दूसरे साहब को जिम्मेदारी दी गई। यहां भी नतीजा औंधे घड़े पर पानी जैसा साबित हुआ। चर्चा हुआ है कि साहब फील्ड में घूमने वाले इन अधिकारी के कामकाज से परेशान है। दरअसल साहब के राजस्व वाले क्षेत्र में काम ढीला होने पर कमिश्रर और बड़े साहब भी नाराजगी जाहिर कर चुके है। अब वे काम में पारदर्शिता लोने की कोशिश करते है तो उनके अधीनस्थ वाले साहब सुन नहीं रहे। ऐसे में उनकी पीड़ा गाहे-बगाहे जुबान पर आ जा रही है। बताते चले की यह साहब का पिछले दिन एक उद्गम वाले क्षेत्र में तबादला हुआ था, लेकिन उन्हें अपने क्षेत्र में रहने का फिर अभयदान मिल गया।
सीएमओ आखिर सफाई के पक्षधर क्यों?
जिले में कुछ माह पहले पदस्थ हुए एक सीएमओ अपनी नपा में सफाई के पक्षधर दिख रहे है। उनकी मंशा है कि नपा में जो भी तीन वर्ष या उससे अधिक पदस्थ है उन्हें विदा कर दिया जाएं। उन्होंने अपनी मंशा से क्षेत्रीय विधायक को भी अवगत करा दिया है। साहब का मानना है कि जबतक नपा में इस तरह की सफाई नहीं होगी, तब तक अपेक्षित परिणाम देखने को नहीं मिलेगे। उन्होंने तर्क दिया है कि ऐसे में काम पुराने ढर्रे पर ही चलते रहेगा। लंबे समय से जमे लोग नपा का माहौल खराब कर रहे है। यदि नपा के यह बदलाव होता है तो कई पुराने नप जाएंगे, इससे जमकर हड़कंप मचा है।
मस्त साहब की मस्त मनमौजी
पुलिस विभाग में मस्त साहब के नाम से मशहूर उपनिरीक्षक के खूब चर्चें चल रहे है। इनके बारे में कहा जाता है कि मुंह बहुत खुला है और पेट भी कम में नहीं भरता। उप निरीक्षण ऐसे थाने में पदस्थ है, जहां की बागडोर महिला थानेदार को दी गई है। कहा जा रहा है कि मस्त साहब की यहां खूब चल रही है। वैसे उनकी किस्मत है कि वे जिस थाने में पदस्थ रहे वहां महिला अधिकारी को ही जिम्मेदारी मिली है। शुरू में महिला अधिकारी इन मस्त साहब के टैंलेंट को समझ नहीं पाई, लेकिन जब एक भू माफिया से इनके हमप्याला कनेक्शन सामने आए तो उन्होंने कन्नी काटना शुरू कर दिया। अब वे वर्तमान में जिस थाने में पदस्थ है, यहां गौवंश तस्करी के आरोपियों के साथ जाम टकराते हुए देखे जा रहे है।




