Betul News: सात चिताएं जलीं, 11 घायलों की जिंदगी बचाने की जद्दोजहद

कोटा के अस्पतालों में अपनों की देखभाल कर रहे परिवार के महज तीन सदस्य, घायलों को भोपाल एम्स में शिफ्ट करने की परिजनों ने उठाई मांग,

Betul News: बैतूल। खाटू श्यामजी के दर्शन की आस लेकर निकले बैतूल जिले के झरबड़े परिवार की खुशियां रास्ते में ही मातम में बदल गईं। कोटा के समीप हुए भीषण सड़क हादसे ने परिवार के कई सदस्यों को हमेशा के लिए छीन लिया। हादसे में जान गंवाने वाले सात मृतकों के शव रविवार सुबह 10 बजे उनके गृह ग्राम पहुंचे, जहां नम आंखों के बीच अलग-अलग गांवों में उनका अंतिम संस्कार किया गया। घरों में गूंजने वाली किलकारियों की जगह अब अपनों को खोने का दर्द और सिसकियां हैं।

कोटा के दो अस्पतालों में भर्ती परिवार के 11 घायलों की जिंदगी बचाने की जद्दोजहद जारी है। घायलों की देखभाल के लिए परिवार के महज तीन सदस्य कोटा में रुके हैं। ऐसे में परिजनों ने सभी घायलों को भोपाल एम्स में शिफ्ट करने की मांग की है, ताकि एक ही स्थान पर रहकर उनकी बेहतर देखभाल की जा सके।

सात शव पहुंचे गांव, नम आंखों से दी अंतिम विदाई

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पोस्टमार्टम के बाद मृतकों के शव शनिवार शाम करीब सात बजे कोटा से बैतूल के लिए रवाना किए गए थे। रविवार सुबह करीब 10 बजे शव उनके गृह ग्राम पहुंचे। शवों के पहुंचते ही परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। गमगीन माहौल में ग्रामीणों और रिश्तेदारों की मौजूदगी में मृतकों का अंतिम संस्कार किया गया। मृतका अरुणा झरबड़े का अंतिम संस्कार घाट बिरोली में किया गया। तृषा और तृष्णा घोड़की को खेड़ी रामोसी में अंतिम विदाई दी गई, जबकि अनिता और राजकुमार घोड़की का अंतिम संस्कार सिरखेड़ में हुआ। ओम सूर्यवंशी का अंतिम संस्कार ग्राम सर्रा तथा वैष्णवी का अंतिम संस्कार मीरापुर में किया गया। अलग-अलग गांवों में एक साथ पसरे मातम ने हर आंख नम कर दी।

11 घायलों की देखभाल, परिवार के सामने बड़ी चुनौती

हादसे में घायल परिवार के 11 सदस्यों का इलाज कोटा के नवीन मेडिकल कॉलेज और एमबीएस अस्पताल में चल रहा है। कोटा से परिजन योगेश झरबड़े ने बताया कि, घायलों की देखभाल के लिए परिवार के केवल तीन सदस्य कोटा में रुके हुए हैं। एक साथ इतने घायलों की जरूरतों को पूरा करना, अस्पतालों के बीच समन्वय बनाना और इलाज की व्यवस्था संभालना उनके लिए बेहद मुश्किल हो रहा है। परिजनों का कहना है कि यदि शासन-प्रशासन पहल कर सभी घायलों को भोपाल एम्स रेफर करवा दे, तो उनकी देखभाल करना आसान हो जाएगा। एक ही अस्पताल में सभी घायलों के रहने से परिवार के सदस्यों को भी काफी राहत मिलेगी।

अब परिजनों की उम्मीद शासन-प्रशासन से है कि इस मुश्किल घड़ी में मदद करते हुए घायलों को भोपाल शिफ्ट कराने की व्यवस्था की जाए। गौरतलब है कि घाट बिरोली निवासी झरबड़े परिवार के सदस्य खाटू श्यामजी के दर्शन के लिए जा रहे थे। इसी दौरान शनिवार सुबह कोटा के समीप मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर उनकी टेम्पो ट्रैवलर नाले में गिर गई थी। हादसे में चालक सहित आठ लोगों की मौत हो गई थी। इस दर्दनाक हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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