Betul Samachar: एमपीआरडीसी और एनएचएआई के बीच अटका बैतूल-परतवाड़ा मार्ग

अगले माह बंद होगी टोल वसूली, दो राज्यों को जोड़ने वाली जीवन रेखा बदहाली की शिकार

Betul Samachar: बैतूल। मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को जोड़ने वाली बैतूल-परतवाड़ा सड़क इन दिनों विभागीय खींचतान का शिकार बनी हुई है। लगभग 100 किलोमीटर लंबा यह महत्वपूर्ण मार्ग एमपीआरडीसी से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को सौंपे जाने की प्रक्रिया में पिछले एक वर्ष से अटका हुआ है।

इस बीच सड़क की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है और अगले माह कोथलकुंड स्थित टोल प्लाजा की अवधि समाप्त होने के बाद इसकी नियमित मरम्मत पर भी संकट गहरा गया है। ट्रांसपोर्टरों का मानना है कि जल्द ही यदि सड़क का भविष्य तय नहीं किया गया तो आने वाले समय मे इसका सीधा नुकसान ट्रांसपोर्टरों और आम नागरिकों को भुगतना पड़ेगा।

 दरअसल यह सड़क बैतूल को महाराष्ट्र के परतवाड़ा, अमरावती और यवतमाल जैसे प्रमुख शहरों से सीधे जोड़ती है। प्रतिदिन सैकड़ों यात्री बसें, मालवाहक ट्रक और निजी वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं। करोड़ों के व्यापार और आवागमन के लिए यह सड़क अहम मानी जाती है, लेकिन लंबे समय से रखरखाव के अभाव में जगह-जगह बड़े गड्ढें और उखड़ी सड़क लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है।

जानकारी के अनुसार, एमपीआरडीसी इस मार्ग को एनएचएआई के हवाले करने की प्रक्रिया में है, लेकिन विभागीय स्तर पर पत्राचार के बाद भी मामला आगे नहीं बढ़ सका है। एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि सड़क हस्तांतरण को लेकर बातचीत हुई है, लेकिन प्रक्रिया किस स्तर पर है, इसकी स्पष्ट जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है।

अगले माह टोल भी बन्द,प्रभावित होगी नियमित मरम्मत

उधर 2016 से शुरू हुआ कोथलकुंड टोल प्लाजा का अनुबंध 10 साल पूर्ण होने के बाद अगले माह अगस्त में समाप्त हो रहा है। टोल वसूली बंद होने के बाद सड़क की नियमित मरम्मत के लिए उपलब्ध संसाधन भी प्रभावित होंगे।

ऐसे में सड़क की स्थिति और अधिक खराब होने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों और परिवहन व्यवसायियों का कहना है कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले समय में इस मार्ग पर सुरक्षित आवागमन करना भी मुश्किल हो जाएगा।

20 साल पहले बनी सड़क, अनदेखी का हो रही शिकार

 बताया जा रहा है कि 2006-07 में निर्मित यह सड़क कभी जिले की सबसे बेहतर सड़कों में गिनी जाती थी। समय के साथ बढ़ते यातायात और रखरखाव की कमी ने इसकी तस्वीर बदल दी। अब स्थिति यह है कि वाहन चालकों को सफर के दौरान लगातार झटके झेलने पड़ रहे हैं और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। वहीं महाराष्ट्र के बड़े शहरों से आने जाने वाले नागरिको और वाहनों ने सपना रास्ता तक बदल दिया है।

ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि सड़क की बदहाली से माल ढुलाई की लागत बढ़ रही है। वाहनों का रखरखाव महंगा हो रहा है और यात्रा में अधिक समय लग रहा है। इसका सीधा असर व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों ने भी सरकार से मांग की है कि एमपीआरडीसी और एनएचएआई के बीच लंबित प्रक्रिया को जल्द पूरा कर सड़क के नवीनीकरण का कार्य शुरू कराया जाए ताकि मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को जोड़ने वाली इस महत्वपूर्ण जीवनरेखा को फिर से सुरक्षित और सुगम बनाया जा सके।

इनका कहना…

सड़क ट्रांसफर के लिए एक साल पहले एन एच ए आई और एमपीआरडीसी के बीच पत्राचार हुआ था, अभी क्या स्थिति है इसकी जानकारी नहीं है।

प्रवीण निमजे, प्रबंधक एनएचएआई  

-अभी बैठक में व्यस्त हूं, इस मामले में ज्यादा जानकारी बाद में ही दे पाऊंगा।

राजकुमार नागले, प्रभारी एमपीआरडीसी, बैतूल 

हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें

👇https://chat.whatsapp.com/KWRuTRhIWoXDiwhdwiCm29?mode=gi_t

बैतूल जिले की ताजा खबरें (Hindi News Madhyapradesh) अब हिंदी में पढ़ें| Trending और Viral खबरों के लिए जुड़े रहे snewstimes.com से| आज की ताजा खबरों (Latest Hindi News) के लिए सर्च करें snewstimes.com

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

Related Articles

Back to top button