Mega Trade Fair: मेगा ट्रेड फेयर में बिना बिल के सामान बेचने पर 25 हजार का जुर्माना

Mega Trade Fair: Selling goods without bills at the Mega Trade Fair attracts a fine of 25,000 rupees.

सांझवीर की खबर के बाद जागा वाणिज्य कर विभाग, सीएम हेल्पलाइन में भी हुई थी शिकायत

Mega Trade Fair: बैतूल। बैतूल में वाणिज्य कर विभाग का भारी भरकम अमला केवल औपचारिकता निभा रहा है। पहला तो यह कि खुलेआम कच्चे बिल पर करोड़ों का कारोबार होने के बावजूद शिकायत न होने को आधार मानते हुए व्यापारियों को खुली छूट दे रखी है। दूसरी तरफ जीएसटी चोरी की जागरूक उपभोक्ताओं की शिकायत होने के बावजूद इस पर लेटलतीफी आम बात हो गई। बीते दिनों कोठीबाजार के एक स्कूल मैदान पर लगे मेगा ट्रेड फेयर में बिना बिल के सामान बेचने का मामला सांझवीर टाईम्स में उजागर हुआ। शिकायतकर्ताओं ने भी 6 नवंबर को लिखित शिकायत कर मेला संचालक पर कार्रवाई के लिए वाणिज्य कर विभाग में आवेदन दिया, लेकिन अधिकारी से लेकर कर्मचारियों ने मामला दबा दिया, लेकिन जागरूक उपभोक्ताओं ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की तो बैकफुट पर आकर विभाग को मेला संचालक पर 25 हजार का जुर्माना लगाया है।

शिकायकर्ता अनिल कुमार और रीतेश पवार ने 6 नवंबर को वाणिज्य कर विभाग में एक आवेदन देकर शिकायत की थी कि वे कोठीबाजार के एक स्कूल मैदान पर लगे मेगा ट्रेड फेयर में सामान खरीदने गए थे। दोनों जागरूक उपभोक्ताओं को यहां खरीदे गए सामान की गुणवत्ता खराब दिखी तो दुकानदारों से बिल मांगा, लेकिन दुकानदार दबंगई दिखाते हुए बिल देने से इंकार करते रहे। मेला संचालक भी शिकायत के बाद चुप्पी साधे बैठे रहे। इसके बाद उन्होंने वाणिज्यकर विभाग में आवेदन देकर बताया कि मेले में कई वस्तुओं की गुणवत्ता ठीक नहीं होने के कारण उपभोक्ताओं को बिल न दिए जाना जीएसटी और सीजीएसटी चोरी जैसा अपराध है। दोनों उपभोक्ताओं ने वाणिज्य कर अधिकारी से तत्काल कार्रवाई करते हुए जुर्माना करने का आग्रह किया था।

कार्रवाई की कछुआ चाल से बढ़ा संदेह

दोनों जागरूक उपभोक्ता अनिल और रीतेश के मुताबिक मैदान पर इतना बड़ा मेगा ट्रेड फेयर आयोजित किया गया था, लेकिन 6 नवंबर को की शिकायत के बाद वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों और इंस्पेक्टर कार्रवाई करने से बच रहे थे। दफ्तर के कई चक्कर काटने के बाद शिकायत की जांच देरी से शुरू हुई। उनके बयान भी नहीं लिए गए। इसके बाद उन्होंने सांझवीर टाईम्स को भी शिकायत की। यह खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद विभागीय अधिकारियों ने जांच में तेजी लाई। वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों की लापरवाही को लेकर दोनों ने अलग-अलग तिथि में सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत की। इसके बाद उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।

मेला खत्म होने के पहले लगाया तगड़ा जुर्माना

दोनों जागरूक उपभोक्ताओं की वजह से अब अन्य उपभोक्ताओं को भी राहत मिलने वाली है। दरअसल इस गंभीर शिकायत के बाद नए आए वाणिज्य कर अधिकारी ने साफतौर पर कहा है कि इस तरह के मेले की अनुमति देने के पहले नपा से पत्राचार किया जा रहा है कि ताकि भविष्य में जीएसटी और सीजीएसटी की चोरी न हो। हालांकि दोनों उपभोक्ताओं की शिकायत के बाद मैदान में लगे मेगा ट्रेड फेयर के संचालक पर एसजीएसटी और सीजीएसटी का कुल 25 हजार जुर्माना लगाया गया है। शिकायत में इस बात का भी उल्लेख हुआ कि मेले में व्यवसायी ने टेम्परेरी जीएसटी नंबर नहीं लिया था। इससे खुद वाणिज्य कर विभाग की पोल खुल गई है।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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