Prashasnik Kona : प्रशासनिक कोना: किस भले थानेदार ने दुखी होकर जिले से डाली रवानगी?? कौनसे साहब है, जिनकी हनुमान भक्ति के खूब हो रहे चर्चे??? मुलायम के दबदबे के आगे अधिकारी कैसे बन गए बौने? कप्तान क्या करेंगे कार्यवाही???? विस्तार से पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम प्रशासनिक कोना में…..
Administrative Corner: Which good police officer was sent away from the district out of grief? Who is the gentleman whose devotion to Hanuman is being widely discussed?

भले थानेदार ने दुखी होकर डाली रवानगी
वैसे तो वर्दी वाले विभाग में थानेदारों, खासकर ईमानदार थानेदारों की खासी कमी है। इसके बावजूद भले मानुष कहे जाने वाले एक थानेदार ने पिछले दिनों बिना कोई ठोस वजह लाइन भेजे जाने के बाद अपना भोपाल तबादला करा लिया। चर्चा है कि विभाग में पिछले कुछ वर्षों से जो गंद फैली है, उससे दुखी होकर खुद ही अपना तबादला कराया है। चर्चा है कि जिस तरह से बाहरी तत्व अंदर के लोगों से मिलकर उनके खिलाफ षड़यंत्र रच रहे थे, उनकी तथाकथित सांठगांठ से सबसे सीनियर और सबसे अच्छे कहे जाने वाले थानेदार की सेवाएं अब जिले को नहीं मिलेगी। एक थाने में दो वर्ष तक लगातार मैराथन पारी खेलने के बाद उन्हें चार माह में तीन थानों से होकर जिला मुख्यालय के एक प्रमुख थाने की जिम्मेदारी थी, लेकिन महज छोटे से मामले में उन्हें लाइन भेजने से इतने दुखी हो गए कि अपनी राजनीतिक पहुंच का इस्तेमाल करते हुए तबादले पर प्रतिबंध के बावजूद जिले से रवानगी डाल दी। उनके तबादले से ईमानदार कहे जाने वाले एक खेमा खासा दुखी है।
इनकी हनुमान भक्ति सुर्खियों में
एक तहसीलदार की हनुमान भक्ति इन दिनों खासी चर्चा में बनी है। राजस्व विभाग में दो पटवारी सार्वजनिक स्थान पर चर्चा करते दिखे कि भगवान के प्रति अगाध आस्था रखने वाले यह साहब रोजाना हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। उनका कार्यालय कुछ दिनों पहले ही नए कार्यालय में शिफ्ट हुआ तो अपनी कुर्सी पर हनुमान दद्दा की फोटो रखकर सपत्निक पूजा की। चर्चा है कि तहसीलदार पर दद्दा की कृपा है, इस वजह उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है। यह बात पटवारियों में खूब सुर्खियां बटोर रही है। दरअसल अपने सीनियर अधिकारियों के आदेश का पालन न करने के लिए यह साहब खूब चर्चा में है। राजस्व विभाग के कर्मचारी भी कह रहे हैं कि जिस हिसाब से अर्थ व्यवस्था मजबूत करने में इनकी रूचि है, इसे देखते हुए किसी भी दिन हनुमान दद्दा ही अपनी गदा का वार करने से पीछे नहीं चुकेंगे, क्योंकि दद्दा महाराज बेईमानों को बर्दाश्त नहीं करते हैं।
मुलायम के दबदबे के आगे सब फीके
जिला मुख्यालय से 35 किमी दूर एक थाने के आरक्षक मुलायम के दबदबे के आगे पूरा स्टाफ बौना साबित हो गया है। चर्चा है कि मुलायम को थानेदार ने ग्रामीण बीट दी है। इसका फायदा उठाते हुए वह हर्रा…… गांव में ग्राम रक्षा समिति की महिला से खुलेआम कच्ची शराब बिकवा रहा है। कुछ माह पहले ही प्रदेश की आर्थिक राजधानी जाने वाले फोरलेन पर पर लोगों ने कच्ची शराब का कारोबार आंखों से देखा है। चाय की टपरी में मुलायत की देखरेख में ग्राम रक्षा समिति की महिला हर दिन सैकड़ों लीटर शराब के वारे न्यारे कर रही है। इस आरक्षक के बारे में चर्चा है कि गोंडी भाषा का जानकार होने के कारण थाने पहुंचे लोगों को उनकी ही भाषा में बात कर सेंटिंग कर रहा है। यह बात थानेदार प्रभारी को भी अच्छी तरह से मालूम है, लेकिन डेढ़ साल से थानेदार भी इसी थाने में मलाई खा रहे हैं, इसलिए अधीनस्थों को उन्होंने खुली छूट देकर रखी है। इससे पूरे थाना क्षेत्र में अवैध कारोबार चरम पर पहुंच गए हैं। देखना यह है कि कप्तान इस मामले में क्या चाबूक चलाते हैं?




