Betul News: तहसीलदारों की लंबी हड़ताल से ठप राजस्व विभाग

Betul News: Revenue department stalled due to long strike of Tehsildars

पूरे जिले में 10 दिनों से नहीं हो रहे नामांतरण-बटवारा, प्रमाण पत्र के लिए भटक रहे लोग

Betul News: बैतूल। तहसीलदारों की हड़ताल दसवें दिन भी जारी रही। इसका असर अब साफ तौर पर राजस्व विभाग के कामकाज पर दिखने लगा है। नामांतरण, बटवारा, सीमांकन, रिकॉर्ड दुरुस्ती, स्थायी निवास एवं आय प्रमाण पत्र जैसे जरूरी काम पूरी तरह ठप हो गए हैं। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत निर्धारित समय सीमा खत्म होने के बावजूद आवेदकों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।

लोक सेवा केंद्रों और तहसील कार्यालयों में सैकड़ों आवेदन पेंडिंग पड़े हुए हैं। जिन लोगों ने 15 दिन पहले आवेदन किए थे, उन्हें भी प्रमाण पत्र नहीं मिल पाए। ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कई बार तो घंटों बैठने के बाद भी उनका काम नहीं हो रहा है। ऐसे में उन्हें बार-बार बैतूल आना-जाना पड़ रहा है।

छात्र वर्ग सबसे ज्यादा परेशान

हड़ताल का असर स्कूली बच्चों पर सबसे ज्यादा पड़ रहा है। दाखिले और छात्रवृत्ति के लिए आवश्यक आय और निवास प्रमाण पत्र समय पर जारी नहीं हो पा रहे। कई छात्र आवेदन की अंतिम तिथि निकलने के डर से परेशान हैं। छात्र वर्ग बार बार काम के लिए चक्कर लगा रहे हैं पर उनके काम नहीं हो पा रहे हैं। यदि तारीख निकल गई और दस्तावेज जमा नहीं किए तो उन्हें शासन की योजनाओं से वंचित तक होना पड़ सकता है।

लोक सेवा गारंटी अधिनियम भी बेअसर

लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अनुसार समय सीमा में कार्य पूरा न करने पर जुर्माना लगाया जाता है, मगर हड़ताल के चलते यह कार्रवाई भी संभव नहीं है। इससे आमजन को न्याय नहीं मिल पा रहा और अधिकारियों की जवाबदेही भी खत्म हो रही है। ज्ञात होकि तहसीलदार लंबे समय से पदोन्नति, वेतन विसंगति दूर करने और कार्यभार कम करने जैसी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। उनका कहना है कि सरकार ने बार-बार आश्वासन दिया, मगर समस्याओं का समाधान नहीं किया।

प्रशासन मौन, जनता परेशान

हड़ताल के दस दिन बीत जाने के बाद भी सरकार और हड़ताली तहसीलदारों के बीच कोई ठोस बातचीत नहीं हो पाई है। इससे कामकाज पूरी तरह ठप है। ग्रामीण क्षेत्र के एक आवेदक ने कहा कि पिछले 20 दिन से आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए तहसील के चक्कर लगा रहा हूं। मगर कोई सुनवाई नहीं। जब तक समझौता नहीं होता, आवेदनों का ढेर और बढ़ेगा और आम लोगों की परेशानियां भी। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जल्द ही हल नहीं निकला, तो यह संकट बड़े पैमाने पर सरकारी योजनाओं और छात्रवृत्तियों को प्रभावित करेगा।

प्रमुख सचिव से मिलेगा तहसीलदार संघ

तहसीलदार संघ की हड़ताल को 10 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है। लंबी खिंच रही इस हड़ताल को समाप्त करने के प्रयास में संघ ने सोमवार को प्रमुख सचिव से मुलाकात करने का निर्णय लिया है। संघ का मानना है कि बातचीत के जरिए गतिरोध को दूर किया जा सकता है। बैठक के दौरान हड़ताल समाप्त करने पर सहमति बनने की संभावना जताई जा रही है। साथ ही संघ अपने अधिकारों की सुरक्षा और सेवा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी प्रमुख सचिव के साथ चर्चा करेगा।

इनका कहना….

-हमारा संगठन कल भोपाल में प्रमुख सचिव से मिलने वाला है। प्रमुख सचिव से बातचीत के बाद ही हड़ताल खत्म करने को लेकर कोई निर्णय हो पाएगा।

जीडी पांडे, तहसीलदार बैतूल।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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