Betul Ganja Kheti : मण्डल अध्यक्ष के खेत में हो रही थी गांजे की खेती, पुलिस पहुंची और आ गया दिग्गज नेता का फोन, नतीजा- गाजर घास में हुई तब्दील!

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Betul Ganja Kheti : बैतूल, मध्यप्रदेश। जिले के रानीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले एक गांव से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पर बड़े पैमाने पर गांजे की अवैध खेती की जा रही थी। बताया जा रहा है कि यह खेती किसी आम व्यक्ति की नहीं, बल्कि भाजपा के एक मंडल अध्यक्ष के खेत में हो रही थी।
मंगलवार सुबह पुलिस को इस अवैध खेती की सूचना मिली, जिसके बाद सारणी एसडीपीओ रोशन कुमार जैन के नेतृत्व में टीम त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंची। शुरुआती जांच और निरीक्षण में गांजे के कई पौधे खेत में लगे पाए गए। पुलिस कार्रवाई की तैयारी में जुटी ही थी कि तभी किसी “ऊपर” से एक फोन कॉल आया और यहीं से पूरा मामला संदिग्ध हो गया।
फोन करने वाले नेता कौन थे??
सूत्रों की मानें तो फोन एक प्रभावशाली राजनेता का था, जिसके बाद पुलिस की कार्रवाई अचानक ठंडी पड़ गई। आनन-फानन में औपचारिकता पूरी करते हुए पुलिस टीम लौट गई। इसके बाद खेत से गांजे के पौधे भी हटा दिए गए और मीडिया व आमजन को यह बताने की कोशिश की गई कि खेत में सिर्फ गाजर घास उगी थी, गांजा नहीं। जबकि सूचना देने वालों और गांव के लोगों ने भी बताया कि तथाकथित भाजपा नेता अपने पद और नेतागिरी की आड़ में गांजे की खेती कर रहा था।
प्रश्नों के घेरे में पुलिस की कार्यवाही
- 1. क्या आम नागरिक के खेत में इस तरह की अवैध खेती मिलने पर भी पुलिस इतनी नरमी बरतती?
- 2. क्या भाजपा मंडल अध्यक्ष की राजनीतिक हैसियत ने कानून के दायरे से बाहर निकलने में मदद की?
- 3. किसके दबाव में कार्रवाई को रोक दिया गया और सच्चाई को छिपाने की कोशिश की गई?
स्थानीय लोग भी विरोध में
स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरी नाराजगी है। कई लोगों का कहना है कि यदि यह मामला किसी गरीब किसान का होता, तो न केवल पुलिस सख्त कार्रवाई करती, बल्कि गिरफ्तारी भी हो चुकी होती। अब देखना यह है कि प्रशासन और उच्च अधिकारी इस मामले पर क्या रुख अपनाते हैं। भविष्य में कार्रवाई होगी या मामला यहीं दफन कर दिया जाएगा? सवाल बना हुआ है। क्या इस मामले की निष्पक्ष जांच होगी, या यह भी सत्ता की छांव में दबा दिया जाएगा?
इनका कहना….
सूचना मिलने पर पुलिस की टीम गई थीं, लेकिन खेत मे गंजा जैसा कुछ नहीं मिला, इसलिए वापस लौट गए।
रोशन कुमार जैन, एसडीओपी सारणी।




