Prashasnik Kona: प्रशासनिक कोना: निर्माण कार्य से जुड़े साहब को क्यों पड़ी ऐसी डांट कि दिन में तारे दिख गए?? बैठक में शराब को लेकर अफसर के क्या दिखे तेवर??? किस मैडम की ईमानदारी पर अधीनस्थ पानी फेर रहे???? विस्तार से पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम प्रशासनिक कोना में….
Prashasnik Kona: Administrative Corner: Why did the sir associated with the construction work get such

साहब को ऐसी फटकार कि दिन में दिखे तारे
सड़क निर्माण से जुड़े एक वरिष्ठ साहब का इन दिनों एक ठेकेदार से काफी प्रेम चल रहा है। ठेकेदार विशेष को खासा महत्व दिए जाने से अन्य ठेकेदार भी कानाफुसी कर रहे हैं। इसी बीच ठेकेदार से विशेष लगाव रखने वाली बात एक माननीय तक पहुंच गई, फिर क्या था, हमेशा नरम रहने वाले पावरफुल माननीय उक्त साहब पर नाराज हो गए। उन्होंने दो टूक शब्दों में उन्हें बुलाकर कह दिया कि ठेकेदार विशेष से प्रेम मत दिखाओ, क्वालिटी के हिसाब से काम कराओ।
माननीय ने अधिकारी को हिदायत दी कि गलतफेमी में मत रहना कि वे तबादला करा सकते हैं, इसलिए दबाव है। तबादला मैं भी करवा सकता हूं और जांच भी। माननीय के कड़े रूख के बाद निर्माण कार्य से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी को दिन में तारे दिख गए और उन्हें समझते देर नहीं लगी कि अब नियम में रहकर भी काम करना पड़ेगा।
शराब मामले की बैठक में क्यों हुई चर्चा?
पिछले दिनों एक क्राइम बैठक में बड़े साहब ने अपने मातहमों खूब लू उतारी। दरअसल शराब पीकर वाहन चलाने से दुर्घटनाएं लगातार हो रही है, विभाग की खासी किरकिरी भी। इसी से बचने के लिए क्राइम बैठक में चर्चा के बाद बड़े साहब ने दो टूक शब्दों में कहा कि शराब पीकर वाहन चलाने से दुर्घटनाएं और अपराध बढ़ रहे हैं।
उन्होंने बोलचाल की भाषा में यह भी कहा कि तुम लोग होश में रहोंगे तो दूसरों को होश में रखोंगे। उनके इतना कहते ही बैठक में सन्नाटा पसर गया। दरअसल शौकीनों के ेचेहरों की रंगत गायब हो गई थी कि कही साहब उन्हें टारगेट कर जवाब न मांग ले। हालांकि साहब के मुंह से निकली बात वही खत्म हो गई तो माहतमों ने राहत की सांस ली।
मैडम की ईमानदारी पर पानी फिर रहे अधीनस्थ
हरे-भरे विभाग से जुड़ी एक महिला अधिकारी की ईमानदारी अधीनस्थों पर भारी पड़ रही है। विभाग की मुखिया होने के नाते वे पूरी ईमानदारी से काम करने में जुटी है, लेकिन उनके अधीनस्थ अरमानों पर पानी फेरते दिखाई दे रहे हैं। कई जगह उन्हें लेन-देन और हरे-भरे क्षेत्र के सफाए की खबर मिलती है तो वे कार्रवाई से भी पीछे नहीं हटती। उनके अधीनस्थ 4 से 5 उसी रैंक के अधिकारी जानकारी देने में भी परहेज कर रहे हैं। ऐसे में मीडिया से अवगत होने के बाद वे निर्णय लेने में देरी नहीं कर रहे हैं। इसी वजह उन्हें कई मामले की जानकारी देरी से मिल रही है। अब तक वे ऐसी लापरवाही पर बीट से हटाकर दूसरी जगह पदस्थ कर चुकी है। हालांकि उनकी ईमानदारी पर अधीनस्थ ही पानी फेर कर हरे-भरे क्षेत्र को विनाश की ओर धकेल रहे हैं।




