Betul News: वैध कालोनियों की 10 वर्षों से जमा नहीं हुई आश्रय निधि राशि
Betul News: Aashray Nidhi amount of legal colonies has not been deposited for 10 years

टीएल की बैठक में मामला सामने आया तो कलेक्टर ने सभी एसडीएम को फटकारा, चेक लिस्ट तैयार करने का फरमान
Betul News: बैतूल। जिले का राजस्व अमला किस तरह का काम कर रहा है, इसका एक और बेहतरीन नमूना देखने को मिल रहा है। दरअसल टीएल की बैठक में कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के संज्ञान में यह मामला सामने आया कि पिछले 10 वर्षों से जिले की वैध कालोनियों की आश्रय निधि जमा करवाने में पांचों अनुविभाग फिसड्डी साबित हुए हैं। चौकाने वाली बात यह है कि किसी भी अनुविभाग ने विकास शुल्क जमा करवाने के लिए कालोनाइजरों पर दबाव नहीं बनाया। कलेक्टर की नाराजगी के बाद जिला पंचायत सीईओ को अनुमति लेने के लिए एक चेक लिस्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
जिले में पिछले 10 वर्षों से कई कालोनियों का निर्माण हो चुका है। नियमानुसार इन कालोनियों को हर वर्ष आश्रय निधि शुल्क जमा करना अनिवार्य होता है। राज्य शासन ने इस संबंध में पहले ही गाइड लाइन जारी करी है। इसके तहत निश्चित राशि वैध कालोनियों के कर्ताधर्ताओं को अपने समीपी अनुविभागीय (एसडीएम) कार्यालयों में जमा करवाना अनिवार्य है। जानकारी के अनुसार इस राशि से जरूरत पड़ने पर प्रशासन कालोनियों की शिकायत आने पर विकास कार्य भी करा सकते हैं। हालांकि यह राशि प्रशासन के पास में धरोहर के रूप में जमा रहती है।
10 वर्षों से मलाई खा रहे कालोनी के कर्ताधर्ता
चौकाने वाली बात यह उजागर हुई है कि पिछले 10 वर्षों से वैध कालोनियों के संचालक जमकर मलाई खा रहे हैं। दरअसल कालोनी में प्लाट और फ्लैट बेचकर संचालकों ने करोड़ों रुपए के वारे-न्यारे कर दिए, लेकिन नियमों की बात की जाए तो किसी ने भी आश्रय निधि की राशि जमा करने में कोई रूचि नहीं दिखाई। हालांकि इसमें पूरी तरह से गलती संबंधित एसडीएम की है, जिन्होंने शासन के नियमों की अनदेखी करते हुए वैध कालोनियों के कर्ताधर्ताओं से राशि वसूलने में लापरवाही बरती। इन दस वर्षों में प्रशासन के पास एक भी रुपए की आश्रय निधि की राशि जमा नहीं हुई है। इस बात का खुलासा पिछले दिनों टीएल की बैठक में स्वंय कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए किया है।
कलेक्टर हुए सख्त, सीईओ को दी जिम्मेदारी
सूत्रों के अनुसार पिछले दिनों टीएल की बैठक में कलेक्टर के संज्ञान में आश्रय निधि जमा न करने का मामला सामने आया। जानकारी के मुताबिक इस संबंध में जिला पंचायत से सभी एसडीएम को पत्र जारी किए गए, लेकिन सभी एसडीएम ने इसे हल्के में लिया। इस पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई। सूत्रों के अनुसार आश्रय निधि जमा न करवाने पर किसी भी वैध कालोनी के कर्ताधर्ताओं पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं करने पर भी सवाल खड़े हो गए। कलेक्टर की नाराजगी के बाद जिला पंचायत सीईओ ने नियमों का अध्ययन कर सभी एसडीएम को कालोनाइजरों को अनुमति लेने के लिए चेक लिस्ट तैयार कर कालोनाइजर को देने के निर्देश दिए।
अवैध कालोनियों पर तत्काल कार्रवाई करें
सूत्रों ने बताया कि वैध कालोनियों में आश्रय निधि राशि जमा न करने के मामले के बाद कलेक्टर के निर्देश पर जिला पंचायत सीईओ ने सभी एसडीएम से अवैध कालोनियों के मामले में भी सख्ती दिखाई है। अवैध कालोनियों को लेकर भी उन्होंने सभी एसडीएम से तत्काल कार्रवाई करने के लिए कहा है। कलेक्टर की नाराजगी के बाद सीईओ ने अवैध कालोनियों की सूची सभी एसडीएम से तलब करवाई है। सूत्रों के मुताबिक आगामी टीएल की बैठक में कलेक्टर और उनके द्वारा समीक्षा करने की बात भी कही है। इसके बाद सभी एसडीएम अपने अधीनस्थों से अवैध कालोनियों की सूची तैयार करवा रहे हैं।
इनका कहना….
्वैध कालोनियों की आश्रय निधि राशि को लेकर सभी एसडीएम से जानकारी मांगी है। जिन कालोनाइजरों ने राशि जमा नहीं की है, उन पर कार्रवाई तय की जाएगी। अवैध कालोनियों को लेकर भी सभी एसडीएम को तत्काल कार्रवाई के लिए कहा गया है। आगामी बैठक में अवैध कालोनियों को लेकर एसडीएम से फालोअप लिया जाएगा।
अक्षत जैन, सीईओ जिला पंचायत बैतूल।





