Betul Samachar: 15 लाख के आउट सोर्स मानदेय में एजेंसी का डाका

Betul Samachar: Agency's robbery in out source honorarium of Rs 15 lakh

163 कर्मचारियों के वेतन से हर माह काट रहे 2-3 हजार रुपए, अधिकारी भी बेखबर

Betul Samachar: बैतूल। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत सरकारी अस्पतालों में अपनी सेवाएं दे रहे आउटसोर्स कर्मी आर्थिक शोषण का शिकार हो रहे हैं। इंदौर की प्रथम नेशनल सिक्युरिटी एजेंसी को प्रति माह लाखों रुपए का भुगतान किया जा रहा है, लेकिन सरकार ने इन आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए जितना मानदेय सुनिश्चित किया है, उतना दिया नहीं जा रहा है। दबी जुबान से कर्मचारियों की तकलीफ कुछ ऐसी है कि इसका विरोध या शिकायत करने पर काम से बन्द कर दिए जाने की धमकियां मिलनी शुरू हो जाती हैं। लिहाज अपनी पारिवारिक स्थिति को देखते हुए कर्मचारी जितना मानदेय दिया जा रहा हैं, उतने में ही अपना काम चलाने को मजबूर हैं।

163 कर्मचारियों पर लटक रही शोषण की तलवार

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिले के सभी सामुदायिक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में लगभग 163 आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाएं ली जा रही हैं। इनमें 38 डाटा एंट्री ऑपरेटर, 63 सफाई कर्मी, एवं 32 स्पोर्टिंग स्टाफ सहित 30 सिक्योरिटी गार्ड का रिकार्ड सीएमचो कार्यालय में प्रतिमाह संधारित किया जा रहा है। सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए इन आउट सोर्स कर्मचारियों के लिए 10 हजार 682 रुपए प्रति माह मानदेय निर्धारित किया गया है, लेकिन लेकिन किसी कर्मचारी को 5500, 7500 तो किसी को 9 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है। विडंबना यह है कि आर्थिक शोषण होने के बावजूद कहीं नौकरी जाने के डर से कर्मचारी विरोध नहीं कर पा रहे, इसका सीधा फायदा उठाया जा रहा है।

15 लाख प्रतिमाह भुगतान, कागजों पर चल रहे कई आउटसोर्स कर्मी

नाम ना छापने की शर्त पर कुछ आउटसोर्स कर्मियों ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यालय में ठेकेदार द्वारा लगभग डेढ़ सैकड़ा से अधिक कर्मचारियों की सूची दी गई है, किंतु दूर दराज के कई केंद्र ऐसे हैं, जहां कर्मचारियों का कोई अता-पता नहीं है। उनके नाम से प्रतिमाह मानदेय की पूर्ति जरूर की जा रही है। ऐसे कई केंद्र हैं, जहां कर्मचारियों की तैनाती तो है, लेकिन मनमर्जी से काम चलाया जा रहा है, जबकि सीएमएचओ कार्यालय से ठेकेदार को करीब 15 लाख रुपए प्रतिमाह का भुगतान किया जा रहा है। जो भी है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग को इसकी जांच करना चाहिए ताकि पूरी मेहनत और लगन से काम कर रहे आउट सोर्स कर्मियों को सरकार द्वारा तय किया गया पूरा मानदेय मिल सके।

इनका कहना….

आउटसोर्स कर्मचारियों के मामले में कलेक्टर ने जांच के निर्देश दिए हैं। कर्मचारि कार्यरत हैं या नहीं इसकी जानकारी ली जाएगी।

डॉ.रविकांत उइके, सीएमएचओ बैतूल

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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