Political News: राजनीतिक हलचल: समीक्षा बैठक में किन ‘पीएम’ की कार्यकर्ताओं ने उतारी लू?? कांग्रेस में एक साहब की मुलाकात पर क्यों छिड़ा शिफुगा??? कौन नेता अपने चहेते अधिकरियों लर लूट रहे दुलार???? पढ़िए पूरी खबर हमारे चर्चित कॉलम राजनीतिक हलचल में…..

Political News: Political stir: Which 'PM' did the workers vote for in the review meeting?? Why did Shifuga break out over the meeting

Political News: कांग्रेस में विधानसभा चुनाव हार के बाद हार का ठीकरा एक-दूसरे पर फोड़ने का सिलसिला अभी भी जारी है। पिछले दिनों चुनाव में पराजित एक प्रत्याशी ने अपने विधानसभा क्षेत्र की समीक्षा बैठक बुलाई थी। इस बैठक में सभी जेष्ट और श्रेष्ठ कार्यकर्ताओं को बुलाकर लजीज भोजन तो कराया, लेकिन इसके पहले समीक्षा में जो नजारें देखने को मिले, उसमें प्रत्याशी के निकट रहने वाले पी और एम नाम की शुरुआत वालों पर जमकर भड़ास निकाल दी। अधिकांश कांग्रेसी प्रत्याशी के हमेशा ईदगिर्द घूमने वाले पी और एम पर बरस पड़े। कार्यकर्ताओं ने तो यहां तक आरोप लगा दिए कि पी और एम ने उनका संदेश आप तक नहीं पहुंचाया, इसलिए चुनाव में पराजय मिली। हालांकि कार्यकर्ताओं के तेवर को प्रत्याशी ने ही कंट्रोल किया, अन्यथा मामला विवादों में परिवर्तित होने से इंकार नहीं किया जा सकता। हालांकि अपने सबसे चहेते ‘पीएमÓ की लू उतारने से प्रत्याशी चाहकर भी कुछ नहीं बोल पाए। बाद में उन्हें जरूर दिलासा देते रहे।

साहब से मुलाकात की चर्चाओं पर छिड़ा शिफूगा

बदलाव के बयार में पड़ोसी जिले के वरिष्ठ कांग्रेस नेता से मेल-मुलाकात का दौर ने काफी गति पकड़ ली है। चूंकि साहब अपने क्षेत्र में पांच दिन के दौरे पर थे। ऐसा संभव नहीं है कि वे दौरे पर रहे और जिले के पार्टी पदाधिकारियों से मिलने नहीं पहुंचे। सोशल मीडिया पर उनसे मिलकर आने की फोटो वायरल हो रही है तो लोगों ने इस पर शिफूगा छेड़ दिया। दरअसल साहब के पार्टी बदलने के जमकर कयास लगाए जा रहे हैं। ऐसे में जिले के नेताओं द्वारा मुलाकात को महज बहाना बताया जा रहा है। लोग कहने से नहीं चूक रहे हैं कि यह मुलाकात एक बाहना नहीं, बल्कि जिले से दूसरी पार्टी में शामिल होने वालों की सूची पर चर्चा हो रही है। हालांकि इसका लब्बोलुआद क्या है? यह तो बड़े साहब और उनसे किस मुद्दें पर मिलने पहुंचे कांग्रेसी ही बता सकते हैं।

चहेते अधिकारियों पर लुटारे रहे दुलार

सत्तारूढ़ पार्टी के एक प्रमुख नेता इन दिनों सुर्खियों के केंद्र बने हुए हैं। पिछले लंबे समय से जिले में पदस्थ कुछ विवादित अधिकारियों का संरक्षण इन नेता ने दे रखा है। बस इसी का फायदा उठाकर अधिकारी गलत को सही और सही को गलत बताने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। मलाई मारने के चक्कर में अधिकारी वरिष्ठ नेता का संरक्षण होने का दावा सार्वजनिक भी कर चुके हैं। इससे नेताजी की किरकिरी कुछ दिनों से बढ़ रही है, जिन अधिकारियों को नेता जी ने संरक्षण दे रखा है, यह मलाईदार विभागों में से एक कहे जा सकते हैं। फिलहाल नेताजी की कृपा दृष्टि से अधिकारियों पर कोई आंच नहीं आई है, लेकिन कहा जाता है कि समय का चक्र बदलते वक्त नहीं लगता। बस इसी उम्मीद पर अधिकारियों के अधीनस्थ इंतजार कर रहे हैं।

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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