Betul News : शाहपुर-भौंरा में अवैध उत्खनन पर कार्रवाई क्यों नहीं, सोशल मीडिया पर निशाना, नेता पुत्रों के दबाव के गंभीर आरोप

Betul News : बैतूल। जिले में सोने के जैसी कीमती रेत कारोबार में प्रत्यक्ष -अप्रत्यक्ष रूप से सत्तारूढ़ पार्टी और विपक्षी पार्टी के नेताओं की भूमिका से इंकार नहीं किया जा सकता है। भले ही भाजपा की अंदुरनी लड़ाई के कारण सीएम तक पहुंची शिकायत के बाद प्रशासन को शाहपुर ब्लॉक में ताबड़तोड़ कार्रवाई करना पड़ा, लेकिन सोशल मीडिया पर एक पोस्ट ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठा दिए। इस पोस्ट में शाहपुर- भौंरा नदी पर नेता पुत्रों की चक्कर में कार्रवाई नहीं होने पर आपत्ति जताई है। इससे भाजपा में अंदुरनी खींचतान मचने की संभावना है।
सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री समेत भाजपा के शीर्ष पदाधिकारियों तक जिले में करोड़ों की अवैध रेत खनन का मामला पहुंचने के बाद मंगलवार की दरमियानी रात प्रशासन को अवैध रेत के कारोबार पर नकेल कसना पड़ा। यह कारोबार माफियाओं का सहारा लेकर कई नेतानुमा लोग करते आ रहे हैं। प्रशासन ने बीस करोड़ रुपए की अवैध रेत जब्त करने के साथ 31 डंपरों पर कार्रवाई का दावा किया है। अब इस बात में कितनी सत्यता है कि प्रशासन की कार्रवाई सटिक हो, लेकिन शाहपुर-भौंरा नदी पर इस समय खुलेआम रेत खनन होने पर प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।
सोशल मीडिया की पोस्ट से हड़कंप
सोशल मीडिया पर डंप रेत के साथ तीन लाइन की एक पोस्ट ने राजनीतिक हड़कंप मचा दिया है। दरअसल इस पोस्ट में उल्लेख किया गया है कि भौंरा नदी के मंदिर किनारे रेत डंप पर नेता पुत्रों के चक्कर में कार्रवाई नहीं हुई। पोस्ट में उल्लेख किया गया है कि नेता पुत्रों ने खुलकर दबाव बनाया है। अधिकारियों को भौंरा से कोई मतलब नहीं है। दस हजार गाड़ी डंप देगा चौहान, पिंटू गुरगुंडा, डंप का हिसाब तो मेडम करेगी? नेता पुत्र का दावा है कि हमारा क्षेत्र है, 56 खदान हमारी है। कौन है नेता पुत्र? जो सातवे आसमान पर चल रहा है…… इस पोस्ट में नेता पुत्र और मेडम के नामों की खूब चर्चा हो रही है।
कौन है मेडम और नेता पुत्र, सबको उत्सुकता
सोशल मीडिया पर यह पोस्ट इसलिए सनसनी मचा रही है, क्योंकि रेत का मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचने के बाद प्रशासन को कार्रवाई करना पड़ा। पोस्ट में भौंरा नदी के पास खुलेआम अवैध रेत खनन का उल्लेख किया गया है और सवाल किया है कि नेता पुत्र किसके इशारे पर काम कर रहे हैं। दूसरा सवाल यह भी चर्चा में है कि कौन सी मेडम चौहान और पिंटू गुरगुंडा का हिसाब लेगी। सूत्र बाते हैं कि क्षेत्र में एक चर्चित जनप्रतिनिधि चुनाव जीतने के बाद अपने पुत्रों को खुली छूट दे रखी है जिसकी वजह से भाजपा कार्यकर्ताओं में आक्रोश पनप रहा है। यह पोस्ट भी इसी से जोड़कर देखी जा रही है।
इनका कहना…
– मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है। आपके माध्यम से पता चला है, भौंरा में यदि मंदिर के पास नदी पर खनन हो रहा है तो आज ही टीम भेजकर कार्रवाई की जाएगी।
नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी, कलेक्टर बैतूल।




