Sapna Dam : सापना जलाशय में नहरों की सफाई और मरम्मत काम शुरू
Sapna Dam: Cleaning and repair work of canals started in Sapna reservoir

नवंबर में किसानों को सिंचाई के लिए मिलेगा भरपूर पानी
Sapna Dam : बैतूल। सांपना जलाशय की नहरों की सफाई और मरम्मत कार्य इस समय जोर-शोर से जारी है। जलसंसाधन विभाग ने बताया है कि यह कार्य जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा, ताकि किसानों को रबी फसल की सिंचाई के लिए समय पर पानी उपलब्ध कराया जा सके। बारिश के दौरान सांपना जलाशय ओवरफ्लो हो गया था। इस बार जलाशय में पर्याप्त पानी मौजूद है और किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके, इसके लिए विभाग ने नहरों की सफाई और मरम्मत कार्य को प्राथमिकता दी है।
सांपना जलाशय की नहरों में बारिश के दौरान कई छोटी-बड़ी झाड़ियां उग आई थीं। इन्हें काटने का काम और नहरों में जहां भी क्षति हुई थी, वहां की मरम्मत कार्य वर्तमान में किया जा रहा है। जलसंसाधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह कार्य नवंबर तक पूरा हो जाएगा और उसी समय किसानों की मांग के अनुसार जलाशय से पानी छोड़ा जाएगा। वर्तमान में क्षेत्र में खरीफ फसल की कटाई नहीं हुई है, जिसके बाद किसान रबी फसल के लिए खेत तैयार करेंगे। इसलिए, जलाशय से पानी छोड़ने का काम नवंबर के अंतिम समय में शुरू किया जा सकता है। इसके लिए अधिकारियों ने किसानों के साथ बैठक कर पानी छोड़े जाने की रणनीति तय करने का निर्णय लिया है।
करीब 36 हजार हेक्टेयर में होगी सिंचाई
इस बार सांपना जलाशय से लगभग 36 हजार हेक्टेयर से अधिक जमीन की सिंचाई की जाएगी। जलाशय में पर्याप्त पानी होने के कारण किसानों के चेहरे पर खुशी दिखाई दे रही है। सबसे पहले पानी पलेवा फसल के लिए छोड़ा जाएगा। इसके बाद बोवनी फसल की सिंचाई के लिए जलाशय से पानी दिया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि इस बार भी किसानों को पर्याप्त पानी मिलेगा और उनके फसलों की सिंचाई में किसी प्रकार की कमी नहीं होगी।
जलाशय की नहरों की सफाई और मरम्मत कार्य किसानों के लिए समय पर और भरपूर सिंचाई सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जलसंसाधन विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि नहरों में किसी प्रकार की बाधा न आए और पानी खेतों तक सही समय पर पहुंचे। अधिकारी किसानों को भरोसा दिला रहे हैं कि जलाशय से पानी छोड़े जाने में सभी प्रक्रियाओं को पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से किया जाएगा। कुल मिलाकर, सांपना जलाशय में यह पहल किसानों की फसलों की सुरक्षा और कृषि उत्पादन को बढ़ाने में सहायक होगी।




