Prashasnik Kona : प्रशासनिक कोना: बातों ही बातों में इन साहब ने यह क्या कह डाला?? मैडम लपेटकर गई, नए साहब मीटिंग लेकर ही समझते रह गए??? आमद के साथ इनकी नई पारी की शुरुआत फीकी या धमाकेदार???? विस्तार से पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम प्रशासनिक कोना में……

Prashasnik Kona: Administrative corner: What did this gentleman say in the course of conversation??

साहब ने यह क्या कह डाला

प्रशासन में नंबर 2 की महत्ती भूमिका निभाने वाले एक जिम्मेदार साहब वैसे तो सादगी से रहते हैं, लेकिन पिछले दिनों अवैध कालोनी को लेकर साहब के मुंह से निकली एक बात दूर तलक जा सकती है। जाने-अनजाने में उन्होंने अवैध कालोनी को लेकर पहले तो अपने अधीनस्थ और नपा के एक एई की भूमिक पर सवाल उठाएं। यहां तक तो ठीक था, क्योंकि एई वैसे भी अपनी जिम्मेदारी का निर्वाहन नहीं कर रहे हैं।

इसके बाद वे किसी जिम्मेदार व्यक्ति कह बैठे कि आपका कोई काम हो तो बता देना, जब बात जनहित की आई तो साहब को सांप सूंघ गया और संबंधित को कहने लगे कि नाराज मत होइए, मैंने तो ऐसे ही पूछ लिया। इस बात से साहब की कार्यप्रणाली भी अवैध कालोनियों को लेकर कटघरे में आ खड़ी हुई है। बड़े साहब चाहे जो भी कह ले, लेकिन कालोनाइजरों ने जिस तरह अधिकारियों को अमरबेल बना दिया है। इससे रिजल्ट देखने को नहीं मिल पा रहा है।

मैडम लपेटकर गई, नए साहब बाद में समझे माजरा

जिले में लगभग 6 वर्ष की लंबी पारी खेलने के बाद एक मैडम का आखिर पिछले दिनों तबादला हो गया। उन्हें भी यह पता था कि रवानगी होना तय है, इसके पहले उन्होंने फ्रंटफुट पर आकर तबादलों में जो खेल खेला, उसकी चर्चा बैतूल की राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों से निकलते हुए राजधानी तक पहुंच गई। चूंकि मैडम की राजनीतिक जोड़तोड़ काफी तगड़ी है, इसलिए उन्हें भी पता है कि मामले में कुछ होगा नहीं। इस बीच नए साहब ने यहां ज्वाइनिंग ली तो जनजातीय वाली मैडम की शिकायत उन तक पहुंच गई।

कई शिकायत करने वाले ऐसे थे, जिन्हें नजरअंदाज कर नियम के विरूद्ध दूसरों को नियुक्ति दे दी तो किसी के तबादले कर डाले। नए साहब ने मीटिंग पर मीटिंग लेकर सब गणित समझा, तब उनके भी समझ में यह माजरा आ गया कि मैडम सब बटोर कर चली गई। अब उन्हें कुछ हाथ नहीं लगेगा, केवल शिकायतों का निराकरण कर औपचारिकता निभाना है।

आमद के साथ ही नई पारी की शुरुआत

जिले में पहले दो सफलतम पारी खेलने वाले वर्दी वाले एक साहब इस समय तीसरी पारी की शुरुआत कर चुके हैं। हालांकि वे अपने पुराने एक्शन मोड में नजर नहीं आए, लेकिन थानेदारों से सामंजस्य स्थापित कर कुछ मोर्चों पर अगुवाई की शुरुआत कर चुके हैं। एक पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के आगमन पर उन्होंने तीसरी पारी की सफल शुरुआत की थी। इसके बाद कुछ धरना-प्रदर्शन में उन्होंने अपनी स्टाइल में इसे खत्म करने में महत्ती भूमिका निभाई। कुल मिलाकर साहब थानेदारों का बोझ भी हल्का कर रहे हैं, जो पूर्व कार्यकाल में नहीं हुआ करता था। हालांकि थानेदारों से उनका कैसा तालमेल रहेगा, यह तो आने वाला समय ही बताएगा।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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