Betul News: फोरलेन पर बेरिकेड्स लगाकर रोज़ाना चेकिंग से हादसों का खतरा

सपना डैम मार्ग बना एक्सीडेंट जोन, फिर भी ट्रैफिक पुलिस यही कर रही कार्रवाई
Betul News: बैतूल। शहर में यातायात व्यवस्था को सुधारने के नाम पर पुलिस की कार्यशैली अब सवालों के घेरे में है। सापना डैम मार्ग और बैतूल , नागपुर फोरलेन पर रोजाना यातायात पुलिस चेकिंग कर रही है, लेकिन यह चेकिंग कभी भी दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है। हाइवे से गुजरने वाले वाहन चालकों का कहना है कि यातायात पुलिस बीच सड़क पर बैरिकेड लगाकर व्यवस्था सुधारने के बजाय अव्यवस्था फैला रही है। जानकारी के मुताबिक यातायात पुलिस द्वारा सापना डैम क्षेत्र से लगे हाइवे फोरलेन पर रोज़ाना की जा रही चेकिंग के चलते वाहन चालकों में अफरा-तफरी का माहौल रहता है।
पुलिस की मौजूदगी और अचानक रोके जाने के डर से बाइक सवार घबराकर रॉन्ग साइड से निकलने लगते हैं। नतीजा यह होता है कि कई बार सामने से आ रही गाड़ियों से टकराने की नौबत आ जाती है। हद तो तब है जब फोरलेन पर बैरिकेड लगा दिए जाते हैं, जबकि हाइवे पर वाहनो की रफ्तार ही करीब 80 से 100 किलोमीटर प्रति घण्टा होती है। ऐसे में इस रास्ते पर हादसों की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं और लोग इसे अब एक्सीडेंट पॉइंट कहकर बुलाने लगे हैं।

शहर का ट्रेफिक बेतरतीब , हाइवे पर बना रहे व्यवस्था
यह हकीकत है कि,फोरलेन पर स्थिति बेहतर नहीं है। तेज रफ्तार दौड़ती गाड़ियों के बीच बेरिकेड्स लगाकर पुलिस चेकिंग कर रही है। वाहनों की रफ्तार और अचानक उन्हें रोकने की कोशिशें, दोनों मिलकर किसी बड़े हादसे को जन्म दे सकती हैं। वाहन चालकों ने बताया कि फोरलेन पर वैसे ही यातायात आसानी से चलता रहता है ,लेकिन यहां चेकिंग के नाम पर जाम और अफरातफरी मच जाती है। शहरवासियों का कहना है कि यातायात पुलिस को शहर के भीतर की सड़कों पर ध्यान देना चाहिए, जहां रोजाना जाम और नियम तोड़ने की घटनाएं आम हैं, लेकिन इसके बजाय पुलिस फोरलेन पर रोज़ चेकिंग में लगी रहती है, जहां रफ्तार और अचानक कार्रवाई मिलकर खतरनाक स्थिति पैदा कर रही है।
हादसों को ध्यान में रखकर करना चाहिए व्यवस्था
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस को चेकिंग के लिए ऐसे स्थान चुनने चाहिए, जहां दृश्यता अच्छी हो और सड़क चौड़ी हो। जहां चेकिंग के दौरान सड़क हादसे होने की आशंका ना हो, लेकिन यहां बिना किसी चेतावनी बोर्ड के अचानक बेरिकेड्स लगाने से हादसे का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। लोगों की मांग है कि चेकिंग तो ज़रूरी है, लेकिन उसे सुनियोजित और सुरक्षित ढंग से किया जाए। फोरलेन जैसी जगहों पर इस तरह की कार्रवाई आम नागरिकों की जान के लिए खतरा बन रही है। यातायात सुधारने की कवायद कहीं खुद हादसों की वजह न बन जाए यही अब लोगों की सबसे बड़ी चिंता है।
इनका कहना….
सुरक्षा की दृष्टि से वाहनो की जांच किया जाना अनिवार्य है, बैरिकेड नहीं लगाएंगे तो वाहनो को रोक नहीं सकते, बैरिकेड भी व्यवस्थित लगाए जाते हैं ताकि कोई दुर्घटना ना हो, चेकिंग के दौरान इसका पूरा ध्यान रखा जाता है।
गजेन्द्र केन, यातायात प्रभारी, बैतूल।




