Betul News: 60 आउटसोर्स कर्मचारी रखने से नपा में और बिगड़ेंगे हालात

Betul News: Situation will worsen in Nagar Palika by keeping 60 out source employees

दो माह से कई कर्मचारियों को वेतन के लाले पड़े, वित्तीय स्थिति खराब होने के बावजूद नपा का निर्णय नहीं उतर रहा गले।

Betul News: बैतूल। यह बात किसी से छुपी नहीं है कि जिला मुख्यालय की नगरपालिका आर्थिक संकट के दौर से गुजर रही है। इसकी सुगबुगाहट कुछ माह पहले ही शुरू हो गई थी, इसके बावजूद नपाध्यक्ष, उपाध्यक्ष और पार्षदों को खुश करने के लिए परिषद में 60 आउट सोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति का प्रस्ताव ले लिया गया। इस माह से इन्हें नगरपालिका में नियुक्ति दे दी गई। वित्तीय संकट के बीच सौ से अधिक कर्मचारियों को जुलाई माह का वेतन नहीं मिला है, ऐसे में आउट सोर्स कर्मचारियों के वेतन का लगभग 6 लाख से अधिक का भार आने पर नपा के हालत और बिगड़ सकते हैं, लेकिन जिम्मेदारों को इस बात की कोई परवाह नहीं है।

सूत्र बताते हैं कि लंबे समय से भाजपा शासित बैतूल नगरपालिका में अधिकांश पार्षद आउट सोर्स कर्मचारियों को रखने के लिए दबाव बना रहे थे। यह मामला पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के संज्ञान में भी आया। हालांकि उनकी सहमति ली है या नहीं यह स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन पिछले दिनों परिषद के सम्मेलन में अन्य प्रस्तावों के साथ 60 आउट सोर्स कर्मचारियों को रखने का प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित होने के बाद अगस्त माह से ही कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र देकर उनकी सेवाएं लेना नगरपालिका ने शुरू कर दिया है।

छह लाख से अधिक का वेतन का फटका

जानकार बताते हैं कि वित्तीय संकट के बीच नगरपालिका का यह निर्णय खुद पर भारी पड़ सकता है। दरअसल नपा के आय के स्त्रोतों में कमी आने के बाद पहले ही कई कर्मचारियों को वेतन के लाले पड़े हैं और सितंबर माह से लगभग 60 आउट सोर्स कर्मचारियों को नपा को कलेक्ट्रेट रेट से वेतन देना पड़ेगा। अनुमानित हर कर्मचारियों को लगभग दस से बारह हजार रुपए वेतन देने के लिए नगरपालिका को आय के स्त्रोतों को और तलाशना पड़ेगा, अन्यथा स्थिति और बिगड़ने से इंकार नहीं किया जा सकता है। चर्चा है कि आउट सोर्स कर्मचारियों के वेतन के लिए नपा अन्य मद का भी उपयोग कर सकती है, जिससे शहर विकास होना है।

कर्मचारियों के रिटायमेंट का बहाना

इधर, आउट सोर्स कर्मचारियों को रखने के लिए नगरपालिका विवादों में आ गई है। अब तर्क दिए जा रहे हैं कि आउट सोर्स कर्मचारियों को रखना मजबूरी है, क्योंकि कई कर्मचारियों का रूटीन प्रक्रिया में रिटायरमेंट हो रहा है। इस कमी को पूरा करने के लिए नए आउटसोर्स कर्मचारी रखे जा रहे हैं। यहां चौंकाने वाली बात यह है कि नपा के पास पहले से ही दैवेभो समेत भारी भरकम अमला मौजूद हैं। ऐसे में आउट सोर्स कर्मचारियों की वित्तीय संकट के बीच क्या जरूरत पड़ गई?

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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