Betul news: अतिक्रमण पर नपा का दोहरा रवैया, कहीं संरक्षक तो नहीं बन रही?
जहां बनाई थी पार्किंग वहीं पर पसरा अतिक्रमण, क्या कहलाता है अतिक्रमणकारियों से नपा का रिश्ता?

Betul news: बैतूल। शहर की सबसे भीड़-भाड़ वाली सड़कों में शामिल लल्ली चौक से बस स्टैंड तक का इलाका पार्किंग और अतिक्रमण की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। कोठीबाजार, गंज और आसपास के क्षेत्र में पार्किंग की व्यवस्था पूरी तरह से नपा की उदासीनता की भेंट चढ़ चुकी है। जहां-जहां नगरपालिका द्वारा पार्किंग घोषित की गई थी, वहां आज अतिक्रमण जम चुका है। इसका खामियाजा आम नागरिकों को हर रोज ट्रैफिक जाम और असुविधा के रूप में भुगतना पड़ रहा है।
हालात यह हैं कि नपा अधिकारियों को खुद नहीं मालूम की उन्होंने कहां पार्किंग बनाई थी और मौजूदा हालातों में उसकी स्तिथि क्या है। पार्किंग एरिये में अतिक्रमण कर दुकाने लगी हुई हैं। ऐसे में मजबूरी में लोगों को भी अपने वाहन सड़क पर खड़े करने पड़ रहे हैं। इससे और भी ज्यादा अव्यवस्था का आलम बढ़ता ही जा रहा है।
पेविंग ब्लाक लगाकर बनाई पार्किंग कब्जे की भेंट चढ़ी
सबसे गंभीर स्थिति लल्ली चौक स्थित किराना लाइन के सामने दिखाई देती है। यहां कभी नगरपालिका ने खाली पड़ी जगह पर पेविंग ब्लाक लगाकर पार्किंग एरिया विकसित किया था,यहां बकायदा पार्किंग के बोर्ड भी लगाए गए थे। लेकिन आज वह जगह पार्किंग नहीं बल्कि मनिहारी, चाय और अन्य ठेले-गुमटियों से पट चुकी है। पार्किंग के बोर्ड तक गायब कर दिए गए हैं।
हालत यह है कि अब वाहन चालकों को अपनी गाड़ियां संकरी सीमेंट रोड पर खड़ी करनी पड़ती हैं, जिससे दिनभर यहां जाम की स्थिति बनी रहती है, लेकिन विडंबना है कि नपा अधिकारियों को इससे कोई लेना देना नहीं है।
कार्यवाही शून्य, मिली भगत के संकेत
शहर के सबसे प्रमुख क्षेत्रों में से एक होने के बावजूद यहां नगर पालिका की कार्रवाई शून्य है। हैरानी की बात यह है कि यहां जिस अतिक्रमण की बात हो रही है, वह नपा कार्यालय से महज कुछ कदम की दूरी पर स्तिथ है, लेकिन इसके बावजूद अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। यह लापरवाही सिर्फ निकम्मापन नहीं, बल्कि अतिक्रमणकारियों के साथ मिलीभगत का संकेत भी देती है।
स्थानीय दुकानदारो का भी कहना है कि पार्किंग में अतिक्रमण पसरा हुआ है, लेकिन नपा का कोई अधिकारी कभी झांकने तक नहीं आते। दुकानों पर आने वाले ग्राहकों को मज़बूरी में दुकानों के सामने ही अपने वाहन खड़े करने पड़ते हैं। जिससे जाम की स्थिति निर्मित होती है। अधिकारी यदि इसकी ततपरता से मॉनिटरिंग करें तो व्यवस्था बनाई जा सकती है।
नपा का सॉफ्ट कार्नर या मौन समर्थन
अतिक्रमण पर नियमित कार्रवाई तो दूर, नपा अब अतिक्रमण पर एक चेतावनी नोटिस देना तक जरूरी नहीं समझती। वर्षों से जमा हुए इन ठेले-गुमटी वालों को लेकर स्थानीय लोगों में भी आक्रोश है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। इस रास्ते से गुजरने वाले स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। नागरिकों का कहना है कि, जब भी अतिक्रमण को लेकर प्रशाषन का डंडा चलता है तो नपा मुहूर्त देखकर अतिक्रमण कारियों को नोटिस जारी करती है।
बैतूल जैसे शहर में पार्किंग की समुचित व्यवस्था न होना और मौजूदा व्यवस्था पर भी नपा का नियंत्रण खो बैठना सीधे प्रशासनिक विफलता का उदाहरण है। सवाल उठता है कि आखिर क्यों नपा अपनी ही बनाई व्यवस्था को ध्वस्त होते देख रही है? क्या यह अतिक्रमणकारियों के प्रति सॉफ्ट कॉर्नर या किसी तरह का मौन समर्थन है?
यदि नगर पालिका सच में नागरिकों की सुविधा के लिए काम कर रही है तो उसे तुरंत कार्रवाई करते हुए पार्किंग एरिया से अतिक्रमण हटाना चाहिए और सख्त निगरानी व्यवस्था लागू करनी चाहिए। वरना यह सवाल शहरभर में गूंजता रहेगा कि क्या नपा अतिक्रमणकारियों की संरक्षक बन चुकी है?
इनका कहना…
पार्किंग क्षेत्र में अतिक्रमण की जानकारी मेरे संज्ञान में आई है, राजस्व अमले से जानकारी लेकर अतिक्रमण हटवाया जाएगा।
सतीश मटसेनिया, सीएमओ नपा बैतूल
पार्किंग एरिये का निरीक्षण किया जाएगा, यदि अतिक्रमण किया गया है तो प्राथमिकता से हटाया जाएगा।
बीएल परते, राजस्व निरीक्षक नपा बैतूल




