Amba Devi Temple : मां अंबा देवी की कृपा से तबाह होने से बच गया था आठनेर
Amba Devi Temple: Aathner was saved from destruction by the grace of Mother Amba Devi.

स्वयं प्रकट हुई थी मां अंबा, नवरात्र में रोजाना उमड़ता है जनसैलाब
Amba Devi Temple : (आठनेर)। नगर का अंबा देवी मंदिर अपने आप में चमत्कारों से भरा है। प्राचीन मंदिर होने के साथ-साथ इस मंदिर से चमत्कारों के कई कहानियां जुड़ी हैं। मंदिर में स्थापित प्रतिमा स्वंय प्रकट हुई थी।
बताया जाता है कि शुरुआती दौर में मंदिर में कुछ ही लोग पूजा अर्चना के लिए आते थे पर जैसे-जैसे मां के चमत्कारों के बारे में लोगों को जानकारी मिलना शुरू हुई तो यहां पर लोगों का जनसैलाब उमड़ने लगा और आज यहां पर रोजाना सैकड़ों की संख्या में भक्त पहुंचकर मां के दर्शन करते हैं। यह मंदिर नगर के बाजार चौक पर स्थित है। नवरात्र में रोजाना लोग मां के दर्शन के लिए यहां पर पहुंचते हैं।
लोगों ने देखा था मां चमत्कार (Amba Devi Temple)
अंबा देवी मंदिर से जुड़ी एक कथा बेहद प्रचलित है। बताया जाता है कि वर्षों पूर्व आठनेर को रेगिस्तान के नाम से जाना जाता था। इसी समय एक बार रामजी साहू नामक व्यक्ति के मकान में आग लग गई। आग तेजी से आसपास भी फैलती जा रही थी। इस समय आग बुझाने के कोई साधन भी नहीं थे। वैसे ही पानी का संकट तो पहले से ही था। ग्रामीणों को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि आग पर कैसे काबू पाया जाए। लोगों ने मां अंबा का ध्यान किया और एकाएक आग की लपटे कम होने लगी और आग बूझ गई। इसके बाद से लोगों की आस्था मां और प्रबल हो गई। इसके अलावा और भी चमत्कार लोग आए दिन बताते रहते हैं।
रोजाना महाप्रसादी का होता है वितरण
आस्था का केंद्र बन चुका मां अंबा मंदिर में रोजाना महाप्रसादी का वितरण किया जाता है। रोजाना करीब पांच हजार से अधिक लोग प्रसादी लेते हैं। समिति के लोग बताते हैं कि महाप्रसादी के रूप में प्रतिदिन साबुदाना से बने व्यंजन भक्तों को दिया जाता है। यहां पर लोग अपनी मन्नते पूरी होने पर प्रसादी का वितरण कराते हैं। अंबा मंदिर में प्रतिदिन 5 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के लिए सुबह से तैयारी प्रारंभ कर दी जाती है। शुभम सोनारे, प्रशांत गुजर ने बताया कि सभी लोग मंदिर में सेवा करते हैं। उन्होंने बताया कि यहां पर बटने वाला प्रसाद सभी लोगों को मिलता है। नवरात्र में मंदिर की साज सज्जा देखते ही बनती है।




